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Pratapgarh News: शौच के लिए स्कूल से निकले छात्र की तालाब में डूबने से मौत

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बाघराय के शकरदहा तालाब में बालक के डूबने के बाद जुटी भीड़। सोशल मीडिया
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बाघराय के शकरदहा प्राथमिक विद्यालय द्वितीय से शुक्रवार दोपहर शौच के लिए निकला कक्षा तीन के छात्र शिवांश प्रजापति अमृत सरोवर तालाब में डूब गया। करीब तीन घंटे तक खोजबीन के बाद तालाब से उसके शव को बाहर निकाला गया।
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धनऊ का पुरवा निवासी शिव कुमार प्रजापति का नौ वर्षीय बेटा शिवांश शुक्रवार बाजार से सटे प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गया था। बाजार के लोगों के मुताबिक दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल में लंच की छुट्टी होने के कुछ देर बाद शिवांश दूसरे बच्चे के साथ स्कूल से बाहर निकला। कुछ दूरी पर स्थित अमृत सरोवर के करीब वह शौच के लिए पहुंचा।
लोगों ने बताया कि पैर फिसलने से वह तालाब में गिर गया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया और सूचना पर पुलिस पहुंची। स्थानीय गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से तीन घंटे बाद शव को बाहर निकाला गया। इसी बीच कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव भी मौके पहुंचे। उन्होंने एसडीएम कुंडा से बात कर हरसंभव मदद की बात कही।
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सीओ सदर करिश्मा गुप्ता ने बताया कि परिवार की ओर से किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी गई है। घटना की छानबीन की जा रही है। किन परिस्थितियों में छात्र स्कूल से बाहर निकला था इसकी भी जांच की जा रही है।
पिता करते हैं मजदूरी, मां व भाई- बहन रहे बिलखते
शिवांश के पिता शिवकुमार मजदूरी करते हैं। मां गुड्डी देवी गृहस्थी संभालती हैं। उससे छोटा भाई प्रियांश व बहन शिवांशी है। घटना के बाद से परिवार के लोग बदहवास हैं। वे कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं दिखे।

उठ रहा सवाल... विद्यार्थियों की निगरानी में शिक्षकों ने क्यों बरती लापरवाही
छात्र शिवांश की तालाब में डूबने से मौत के बाद ग्रामीण विद्यालय के जिम्मेदार शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर स्कूल से बाहर निकल रहे शिवांश को किसी ने रोका क्यों नहीं। बच्चा तालाब के पास पहुंच जाता है और स्कूल की शिक्षिकाओं व शिक्षकों को भनक तक नहीं लगती। बाजार के लोगों के शोर शराबा करने के बाद भी स्कूल के शिक्षक घटना से अनभिज्ञ थे। जबकि उन्हीं के भरोसे बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजा जाता है।
अमृत सरोवर की मानक से अधिक हुई खोदाई
शकरदहा में बने अमृत सरोवर की खोदाई को लेकर भी लोग सवाल उठाते रहे। लोगों का कहना था कि बाजार के पास स्थित तालाब मानक से ज्यादा गहरा है। न तो कोई संकेतक लगा है और न ही कोई बैरिकेडिंग। हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा का निर्देश जारी किया गया है। लोगों का कहना था कि कुछ दिन पहले तालाब में डूबने से दो भैंसें भी मर चुकी हैं।
बोले अफसर


स्कूल में दो शौचालय बने हैं। जिसका बच्चे उपयोग करते हैं। दोपहर में लंच के दौरान एक छात्र के साथ स्कूल से बाहर निकला था। छात्र तालाब तक कैसे पहुंचा इसका पता लगाया जा रहा है। फिलहाल शौच के लिए किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं भेजा जाता। घटना की जांच चल रही है।
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वंशीधर पांडेय, एबीएसए बिहार
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