पूरब का आक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर एबीवीपी समर्थित रोहित मिश्रा की ताजपोशी से 43 साल बाद फिर बेल्हा का इविवि में डंका बजा है। इसके पहले 1973 में संघर्षशील छात्र नेता के रूप में उभरकर सामने आए प्रतापगढ़ के बृजेश शर्मा एबीवीपी की राजनीति से ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष बने थे। हालांकि वे उसके पहले महामंत्री भी रह चुके थेे। पहले महामंत्री बाद में अध्यक्ष पद पर रहते हुए देश की सक्रिय राजनीति में कदम रखा और परिवहन मंत्री तक का सफर तय किया।
43 बाद रोहित मिश्रा के अध्यक्ष बनने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ में दोबारा प्रतापगढ़ का डंका बजने के साथ ही जिले की राजनीति में भी गरमाहट आ गई है।प्रतापगढ़ कोतवाली के करनपुर सेनानी नगर मोहल्ले में रहने वाले देवेंद्रनाथ मिश्रा और अमिता मिश्रा की दो संतानों में बड़े राहुल कुमार मिश्रा सिविल सर्विसेज में भविष्य तलाश रहे हैं। छोटे पुत्र रोहित मिश्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के अध्यक्ष बन गए हैं। देवेंद्र ने बताया कि रोहित की इंटर तक की शिक्षा प्रतापगढ़ में हुई थी। स्नातक इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया। नेट क्वालीफाई करने के बाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योगश्वरदत्त तिवारी के सानिध्य में शोध कर रहे हैं। रोहित की जीत से बेल्हा की छात्र राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है।
इसके पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एबीवीपी राजनीति की नींव रखने वाले प्रतापगढ़ के बृजेश शर्मा 1971 में विश्वविद्यालय छात्रसंघ के महामंत्री चुने गये। उसके बाद सन् 1973 से 74 तक अध्यक्ष रहे। बृजेश शर्मा बताते हैं कि उनके बाद कई अध्यक्ष व महामंत्री बने। मगर प्रतापगढ़ और एबीवीपी की राजनीति से अध्यक्ष बनने वाले रोहित मिश्रा उनके बाद यहां के दूसरे छात्रनेता हैं।
इन 43 वर्षों में इलाहाबाद छात्रसंघ का प्रनिधितत्व प्रतापगढ़के किसी भी छात्र नेता ने नहीं किया। महामंत्री रहते हुए बृजेश शर्मा एमडीपीजी कॉलेज प्रतापगढ़ की छात्र राजनीति को गरमाने अक्सर आया करते थे। रोहित मिश्रा की जीत से बृजेश प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि छात्रों के हक के लिये पूरी ईमानदारी से अगर कोई संगठन लड़ रहा है तो वह है एबीवीपी। प्रतापगढ़ के और भी छात्र इससे प्रेरणा लेकर राजनीति में सक्रिय होकर समाज और देश के विकास में अपना योगदान देंगे।