प्रतापगढ़। बैंकों के विलय के विरोध के साथ ही ग्राहकों से दंडात्मक शुल्क और सेवा प्रभारों में वृद्धि से नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार को तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि आजीविका और सुरक्षा पर लगातार हमले बढ़ते जा रहे हैं। कर्मचारियों और ग्राहकों के साथ उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि बैंकों का विलय करके कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बैंक कर्मचारियों का ही नुकसान नहीं किया जा रहा है, बल्कि ग्राहकों के साथ बहुत ज्यादती हो रही है, मगर ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं है। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सचिव नारेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि ग्राहकों से दंडात्मक शुल्क की वसूली होने के साथ ही सेवा प्रभारों में भी बढ़ोतरी करके खाताधारकों के जेब पर डाका डाला जा रहा है।
अध्यक्ष सच्चिदानंद पांडेय ने कहा कि अगर जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोक नहीं लगाई गई तो, कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ेगा। इस मौके पर केदारनाथ यादव, रामराज तिवारी, श्याम शंकर दुबे, रामदेव, अनिल, सौरभ, महेंद्र और हेमंतनंदन ओझा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इधर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते क्लीयरिंग पूरी तरह ठप रही। शहर के पीएनबी, बीओबी, ओबीसी,यूको बैंक सहित अनेक शाखाओं में हड़ताल के चलते पूरी तरह कामकाज ठप रहा।
एसबीआई, ग्रामीण और जिला सहकारी बैंक में नहीं रही हड़ताल
शहर के एसबीआई, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में हड़ताल नहीं रही। यह शाखाएं प्रतिदिन की भांति खुली रही और ग्राहक लेनदेन करते रहे।