बीते तीन माह से मानदेय न मिलने से खफा ठेकेदार के सफाई कर्मचारी बुधवार को कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। मानदेय नहीं मिलने तक झाड़ू उठाने से इनकार कर दिया। इससे जिला अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा है। दुर्गंध से मरीज और तीमारदार परेशान हैं।
जिला अस्पताल में साफ-सफाई का जिम्मा एक संस्था ने ले रखा है। बीते तीन माह से ठेकेदारी पर रखे गए स्वीपरों को मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। ऐसे में कर्मचारियों का परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।
इससे खफा कर्मचारी मंगलवार शाम से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए। अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दुर्गंध के चलते मरीजों और तीमारदारों का जीना हराम हो गया है। डॉक्टर भी ओपीडी चैंबर में नहीं बैठ पा रहे हैं। मगर इस समस्या की ओर सीएमएस ध्यान नहीं दे रहे हैं।