नाबालिगों के वाहन चलाने को लेकर शासन ने सख्त रुख तो अपनाया है। लेकिन उसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। नाबालिगों के हाथ से बाइक की हैंडिल नहीं छूट रही है। जबकि इनके वाहन चलाते मिलने पर अभिभावकों से न सिर्फ जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि जेल भी भेजा जा सकता है।
पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए नाबालिग चोरी-छिपे फर्राटा भर रहे हैं। बीते छह महीने में 2256 वाहनों के चालान काटे गए हैं। जिसमें से अधिकांश नाबालिग वाहन चालक शामिल हैं।
शासन की सख्ती के बाद भी प्रतिबंध का असर नहीं दिख रहा है। सोमवार को शहर और ग्रामीण इलाकों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे वाहन चलाते हुए दिखे। कॉलेज और स्कूल बंद होने से इस संख्या में कमी तो आई है लेकिन जैसे विद्यालय खुलेंगे इनमें इजाफा होने की संभावना है। ट्रैफिक पुलिस ने नाबालिग दोपहिया चालकों के खिलाफ रविवार से ही अभियान शुरू किया है।
ट्रैफिक प्रभारी ब्रम्हाशंकर दुबे भंगवा चुंगी, राजापाल चौराहा पर नाबालिगों की धरपकड़ करते रहे और वह फर्राटा भरते हुए उन्हें चकमा देकर निकलते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस की ओर से लगातार कॉलेज प्रबंधन के साथ विद्यार्थियों को यह जानकारी दी जाती रही कि जिनके पास 50 सीसी की बिना गियर वाली गाड़ी चलाने का लाइसेंस है। वह उतनी क्षमता वाले वाहन ही चलाएं।
न अभिभावक गंभीर न ही कॉलेज प्रशासन
ट्रैफिक पुलिस की ओर से नाबालिगों को भले ही जागरूक किया जाता रहा हो लेकिन इसका असर न ही कॉलेज पर न ही अभिभावकों पर दिख रहा है। कई स्थानों पर विद्यार्थी अधिक क्षमता वाली बाइक से स्कूल से निकलते दिखाई दिए। कई के पास बिना गियर वाले वाहन का लाइसेंस तक नहीं था।
वर्जन-
अभी कॉलेज बंद चल रहे हैं। इसके बाद भी नाबालिगों का बाइक व स्कूटी चलाते हुए पट्टी क्षेत्र में चालान किया गया। कॉलेज खुलने के बाद गेट पर ही ऐसे विद्यार्थियों की चेकिंग की जाएगी।
दिलीप गुप्ता, एआरटीओ, प्रवर्तन
इनसेट -
दो ओवरलोड ट्रक सीज, 30 का चालान
उप संभागीय परिवहन अधिकारी दिलीप गुप्ता ने सोमवार को वाहनों की चेकिंग पट्टी क्षेत्र में की। जहां दो ओवरलोड ट्रकों को सीज कर थानों में बंद कराया गया। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 30 वाहनों का चालान किया गया।