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पुलिस की शह पर चल रहे अवैध वाहन अड्डे

Wed, 27 Jul 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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pratapgarh news
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जनपद में पुलिस अवैध वाहन अड्डों से मलाई काट रही है। पुलिस की शह पर शहर में कई जगहों पर अनाधृकित रूप से अवैध वाहन अड्डे संचालित किए जा रहे हैं। इसका खामियाजा नगर पालिका को भुगतना पड़ रहा है। वाहन टैक्स वसूली करने वाले पालिका कर्मियों में खाकी का खौफ समाया रहता है। इससे पालिका के खजाने को भी चूना लग रहा है। अंधेर यह है कि उप संभागीय परिवहन विभाग के अफसर भी खामोश हैं। शहर में पुलिस और परिवहन विभाग की मिलीभगत से कई अघोषित वाहन अड्डे संचालित हो रहे हैं।
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निजी वाहन संचालकों के प्रभाव के चलते शहर में रूट चार्ट हाशिए पर है। किस वाहन का कौन सा रूट है यह बात शायद ही किसी को पता हो। उप संभागीय परिवहन विभाग अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए इसे सार्वजनिक करना वाजिब नहीं समझता। यही वजह है कि वाहनों के सीरियल नंबर और पालिका के जरिए निर्धारित वाहन अड्डों पर रूटचार्ट का बोर्ड नहीं लगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो वाहन स्टैंडों पर इस बोर्ड का होना जरूरी हैं। पुलिस व परिवहन विभाग की सह पर चल रहे अवैध अड्डों के कारण निर्धारित पालिका के वाहन स्टैंडों पर गाड़ियां नहीं खड़ी होती। ऐसे में जबरिया चल रहे अड्डों पर कर वसूली को पहुंचने वाले पालिका कर्मियों को कई वर्ष पहले पुलिस कोतवाली उठा ले गई थी। सबके खिलाफ लिखापढ़ी की गई। इसके चलते कर वसूली करने वाले पालिकाकर्मियों को पुलिस का भय सताता रहता है। अवैध वाहन अड्डों को बंद कराने की जिम्मेदारी प्रशासन व खास कर पुलिस की मानी जाती है। ऐसा न होने के पीछे लोग यहां से पुलिस के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से होने वाली वसूली को मानते हैं।

नौ वाहन अड्डों के संचालन की है अनुमति
शहर में नौ वाहन अड्डों के संचालन की अनुमति नगर पालिका ने दे रखी है। जिसमे भैरोपुर, जीआईसी के सामने, जेल रोड तिराहा, एमडीपीजी कालेज, भंगवा, संजय मार्केट, डीएवी कालेज के सामने, मीराभवन चौराहा, कंपनी बाग के समीप वाहन अड्डा निर्धारित किया गया है। इन अड्डों के अलावा अंबेडकर चौराहा, बाबागंज, निर्मल तिराहा, कोषागार चौराहा, राजापाल चौराहा, सदर बाजार, चिलबिला, रेलवे स्टेशन के समीप भी वाहन अड्डे संचालित हो रहे हैं। इन अवैध अड्डों की वसूली कौन करता है, यह कोई बताने को तैयार नहीं होता। चर्चा यह है कि इन अड्डों की वसूली पुलिस कराती है।
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पुलिस के वसूली का फंडा
शहर में चल रहे अवैध वाहन अड्डों पर पुलिस के कुछ गुर्गे मौजूद रहते हैं। प्रति वाहन से वह 10 से 20 रुपये की वसूली करते हैं। सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो विरोध करने वाले वाहनों संचालकों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं उन्हें अवैध वाहन अड्डे से भगा भी दिया जाता है। शहर में भी कुछ लोग फर्जी तरीके से नगर पालिका का कर्मचारी बनकर चिलबिला, भंगवाचुंगी, बाबागंज समेत अन्य ठिकानों पर वसूली करते हैं।
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