िला प्रशासन व बिचौलियों की तानाशाही के विरोध में रविवार को आंवला किसानों ने कारोबार ठप रखा। मंडी में दिन भर आंवले का कारोबार ब्लैक आउट रहा। करीब 30 लाख रुपये का आंवला महुली मंडी में डंप पड़ा है। किसानों व कारोबारियों ने एलान किया है कि तीन दिन तक उनकी हड़ताल चलेगी। यदि जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों को पूरा नहीं करते तो वे लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे।
जनपद में इस बार आंवले की फसल बेहतर हुई है।
आंवला किसानों को बिचौलियों के साथ ही जिला प्रशासन की तानाशाही के चलते अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। मंडी व वन विभाग की टैक्स परमिट(टीपी) के चलते आंवला किसानों को दोहरी मार पड़ती है। जिला प्रशासन की तानाशाही के विरोध में रविवार को आंवला किसानों व कारोबारियों का गुस्सा फूट पड़ा। जिला प्रशासन व बिचौलियों की तानाशाही के विरोध में उन लोगों ने मंडी से आंवला के कारोबार पर विराम लगा दिया। सभी कारोबारी व आंवला किसान एकजुटता दिखाते हुए आरपार की लड़ाई का एलान किया है।
अध्यक्ष अतेेंद्र सिंह ने कहा कि तीन दिनों तक आंवले का व्यापार पूरी तरह से ठप रहेगा। यदि इसके बाद भी शासन व जिला प्रशासन के कान में जूं नहीं रेंगी तो वे लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे। इस मौके पर ज्वाला सिंह, धीरज शर्मा, दिनेश, मुमताज, राम निरंकार, महेश, ननकऊ समेत सैकड़ों आंवला किसान व कारोबारी महुली मंडी में डेरा डाले हुए हैं।