पांच वर्ष पहले मुहैया कराए गए हैं अभिलेख
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में 40 शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसी हैं, जो फर्जी अभिलेख पर नौकरी कर रही हैं। इनकी जांच एसटीएफ कर रही है, मगर छह वर्ष बीतने के बावजूद अभिलेखों की जांच नहीं हो पाई है। एसटीएफ का दावा है कि उसे अभी अभिलेख नहीं मिले हैं, जबकि विभागीय अधिकारी कहते हैं, पांच वर्ष पहले ही अभिलेख मुहैया कराया जा चुका था।
बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी करने का कोई नया मामला नहीं आया है। जिले में 40 शिक्षकों के फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करने की शिकायत शासन में की गई थी। वर्ष 2017 से फर्जी तरीके से नियुक्त शिक्षकों की गोपनीय जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ की जांच के पहले विभाग ने एक शिक्षक के अभिलेख फर्जी मिलने पर बाहर कर दिया गया था। मगर 39 शिक्षकों के अभिलेखों की जांच अब तक पूरी नहीं हो पाई है।
एसटीएफ का कहना है कि अब तक अभिलेख नहीं मिलने से जांच पूरी नहीं हो पाई है, जबकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पांच वर्ष पहले ही सभी अभिलेख एसटीएफ कार्यालय को मुहैया करा दिए गए थे। एसटीएफ कार्यालय में अभिलेख जमा करने के साक्ष्य भी मौजूद हैं। एसटीएफ को जांच मिलने के बाद विभागीय अधिकारी शिथिल पड़ गए थे। मगर अब विभाग ने अलग से नोटिस जारी कर शिक्षकों से अपना पक्ष रखने को कहा है।
-
एसटीएफ ने पत्र लिखकर 40 शिक्षकों का अभिलेख मांगा था। मैंने जबाब भेज दिया है, उसमें वह प्रति संलग्न है, जिसमें उनके काार्यालय में शिक्षकों की फाइल प्राप्त कराई गई है।
- भूपेंद्र सिंह, बीेएसए।