हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अब हर माह परीक्षा होगी। माह के अंत में होने वाली परीक्षा में छात्र-छात्राओं की शैक्षिक क्षमता का आंकलन किया जाएगा। कक्षा में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। जिससे उनके शैक्षिक स्तर को बढ़ाया जा सके।
यूपी बोर्ड से संचालित जिले के हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में चालू शिक्षासत्र से नई व्यवस्था की गई है। अब कक्षा नौ से बारह के छात्र-छात्राओं की परीक्षा हर माह होगी। ऐसा कक्षा के कमजोर बच्चों को चिन्ह्ति करने के लिए किया जाएगा। कमजोर बच्चों के लिए स्कूल में ही अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। जिससे उनका बौध्दिक विकास किया जा सकें। जिले के अधिकांश विद्यालयों ने इस दिशा में कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। परीक्षाएं महीने के आखिरी दो से तीन दिन में करानी होंगी, जिनका कार्यक्रम विद्यालयों को ही निर्धारित करना होगा।
यूपी बोर्ड ने यह कदम कक्षा दस और बारह में फेल होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या को देखते हुए उठाया है। फिलहाल यह पहल सार्थक साबित होगी। स्कूलों में हर माह होने वाली परीक्षा से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस विषय में कौन बच्चा कमजोर है। इससे बच्चा स्वयं सावधानी बरतने के साथ ही शिक्षक और अभिभावक भी बच्चों पर ध्यान देंगे। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी में कमजोर बच्चों को शिक्षक अतिरिक्त क्लास लेंगे और कमजोर बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर बुलाकर हल कराएंगे।
जिले के सभी हाईस्कूल और इटंरकॉलेजों में मासिक परीक्षा कराने को कहा गया है। जुलाई माह से इसकी नियमित जांच की जाएगी और परीक्षा नहीं कराने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. ओपी राय, ़डीआईओएस