कानपुर जा रही बस की स्टेयरिंग फेल, बाल-बाल बचे यात्री
- बस स्टैंड से 500 मीटर दूर हुआ हादसा, वर्कशाप कर्मचारियों की लापरवाही आई सामने
प्रतापगढ़। मीरा भवन के पास प्रतापगढ़ से कुंडा होते हुए कानपुर जाने वाली बस की स्टेयरिंग फेल हो गई। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को रोका। जिससे यात्री बाल-बाल बच गए। परिचालक ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। बस स्टैंड से दूसरी बस भेज कर यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया।
बस नंबर यूपी 72 टी 1942 को लेकर चालक रणंजय सिंह और परिचालक योगेंद्र सिंह कानपुर जा रहे थे। बस स्टाप से बस जैसे ही 500 मीटर दूर मीरा भवन चौराहे के समीप पहुंची कि बस का स्टेयरिंग फेल हो गई। जानकारी होने पर यात्री शोर मचाने लगे। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत ही रोड के किनारे बस रोक दी। इस बीच यात्री भी नीचे उतर आए। परिचालक ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर रत्नाकर को दी। स्टेशन मास्टर ने दूसरी बस भेजकर यात्रियों को कुंडा और कानपुर भेजवाया। इस मामले में एआरएम पीके कटियार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गड़बड़ी वर्कशाप के कर्मचारियों की है। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आरएम को पत्र लिखा जा रहा है।
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वर्कशाप फोरमैन ने संविदा चालक को बस देने से किया इनकार
- चालक परेशान, एआरएम से की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। परिवहन निगम संविदा रोडवेज चालकों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। वर्कशाप के फोरमैन ने संविदा रोडवेज चालक को बस देने से इनकार कर दिया। इससे संविदा चालक परेशान हो गया।
संविदा रोडवेज चालक राम लखन यादव बृहस्पतिवार सुबह प्रतापगढ़ डिपो पहुंचा। स्टेशन मास्टर ने उसकी बस लेकर लखनऊ जाने के लिए ड्यूटी लगा दी। बस लेने के लिए चालक फोरमैन के पास पहुंचा तो उसे यह कहकर बस देने से इनकार कर दिया कि चालक बस को सही से नहीं चला पा रहा है। औसत से ज्यादा डीजल खर्च कर दे रहा है। उसके स्थान पर फोरमैन ने दूसरे चालक हरिकेश को बस लेकर लखनऊ भेज दिया। रामलखन ने इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर से की। स्टेशन मास्टर रत्नाकर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी एआरएम को दी गई है। कौन चालक बस लेकर कहां जाएगा यह फोरमैन तय नहीं करेंगे। एआरएम पीके कटियार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि चालक डीजल अधिक खपत कर रहा है तो उससे रिकवरी होगी।