प्रदेश सरकार का दावा है कि नगरीय क्षेत्र में ट्रांसफाॅर्मर फुंकने पर 24 घंटे व ग्रामीण इलाके में ऐसी घटना होने पर 48 घंटे में ट्रांसफाॅर्मर बदला जाएगा। जबकि केबल फॉल्ट को तत्काल ठीक कराया जाएगा। इससे इतर जिले में बिजली सेवाएं पुराने ढर्रे पर ही संचालित हो रही हैं। यहां दो मीटर की लाइन में आए फाॅल्ट को सही करने में विभाग ने दो दिन लगा दिए।
गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मेड़ुआ सलेमपुर गांव की अनुसूचति बस्ती में दो दिनों से बिजली नहीं थी। शनिवार की शाम करीब पांच बजे यहां बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जबकि आधे गांव में आपूर्ति दूसरे ट्रांसफाॅर्मर से बराबर चल रही थी। बताया गया कि करीब 200 मीटर की लाइन में फॉल्ट आया। शिकायत पर बिजली कर्मी सिर्फ अदायगी कर वापस लौट जाते थे।
जिसकी वजह से फाॅल्ट सही करने में 48 घंटे का वक्त लगा। गांव के भंडारी पटेल का कहना है कि बिजली कर्मी जब भी आते थे तो सुविधा शुल्क मांगा जाता था। यह सुविधा शुल्क कनेक्शन के हिसाब से वसूला जाता था। शिकायत के लिए लाइनमैन से लेकर बिजली विभाग के अफसरों को फोन किया था। इस पर फोन को बंद कर लिया जाता था या फिर नंबर को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाता था। ग्राम प्रधान रामबली को इसकी जानकारी दी।
प्रधान ने अवर अभियंता शंकरलाल से लिखित में सूचना देते हुए फाल्ट सही कराने को कहा, लेकिन बिजली विभाग ने 200 मीटर की लाइन में फाॅल्ट खोजने में दो दिन लगा दिया। गांव के दीपक, सुरेश वर्मा, रामसेवक, विजय कुमार, मनोज पाल आदि लोगों ने बताया कि तपन व गर्मी के कारण हालत खराब रही। न दिन को राहत मिलती थी ौर रात को भी सुकून भरी नींद नहीं मिल पाती थी।
लाइन में फॉल्ट की समस्या 24 घंटे में दूर होनी चाहिए, लेकिन समय से जानकारी नहीं मिलने से देरी हुई है। लाइन को सही करा दिया गया है। ग्रामीणों ने पहले बताया होता तो समस्या तुरंत दूर करा दी जाती।
शंकरलाल, अवर अभियंता