प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग में बड़ा बदलाव करने जा रही है। मरीजों की सहूलियत के लिए सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने के लिए कहा है। जिससे मरीजों को इलाज कराने के लिए दौड़भाग न करनी पड़े। शासन के आदेश के बाद सीएमओ इसकी तैयारी में जुट गए हैं।
जिले में 17 सीएचसी और पांच एडिशनल पीएचसी के अतिरिक्त 57 पीएचसी का संचालन हो रहा है, मगर इनमें से महज छह सीएचसी में ही एमडी चिकित्सकों की तैनाती की गई है। चार पीएचसी पर एमडी की तैनाती की गई है। बाकी सीएचसी और पीएचसी एमबीबीएस चिकित्सकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। शासन ने सीएमओ को आदेश दिया है कि सीएचसी में कम से कम दो एमडी चिकित्सकों की तैनाती की जाए। एमबीबीएस चिकित्सकों को पीएचसी पर भेजा जाए। जिससे पीएचसी में जहां प्राथमिक उपचार किया जाएगा वहीं सीएचसी में आने वाले मरीजों का इलाज बीमारी के विशेषज्ञ चिकित्सक करेंगे। जिससे मरीजों को इलाज कराने के लिए दौड़भाग न करनी पड़े।
एमडी डॉक्टरों की तैयार की जा रही लिस्ट
पीएचसी में तैनात एमडी चिकित्सकों की लिस्ट सीएमओ आफिस में तैयार की जा रही है। जिससे उन्हें सीएचसी में भेजा जा सके। उनके स्थान पर सीएचसी में तैनात एमबीबीएस डॉक्टरों को पीएचसी पर भेजकर मरीजों का प्राथमिक उपचार कराया जाए।
इन सीएचसी में तैनात हैं एमडी चिकित्सक
जिले के पट्टी, लालगंज में सर्जन, बेहोशी के डॉक्टर समेत दो-दो एमडी की तैनाती हुई है वहीं कुंडा में तीन एमडी हैं। गौरा में एक फिजीशियन तैनात हैं। बाकी सीएचसी में एमडी चिकित्सक ही नहीं हैं। जो चिकित्सक हैं वह पीएचसी में हैं।
शासन ने एमडी चिकित्सकों को सीएचसी तो एमबीबीएस को पीएचसी में तैनाती देने का आदेश दिया है। एमडी चिकित्सकों की लिस्ट तैयार की जा रही है। उन्हें जल्द ही सीएचसी में तैनाती दी जाएगी। कुछ एमबीबीएस को पीएचसी पर भेज दिया जाएगा।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।