जिले में डेंगू के मच्छर की मौजूदगी को लेकर ‘अमर’ उजाला द्वारा चलाई गई मुहिम पर स्वास्थ्य महकमे के मुखिया ने आखिरकार मुहर लगा दी। उन्होंने जिला अस्पताल में नया डेंगू वार्ड खोलने का निर्देश जारी किया है। यह वार्ड दस बेड का होगा। इतना ही नहीं शहर से लेकर गांव तक डेंगू के मच्छरों को मारने के लिए महकमे की पूरी फौज को लगा दिया गया है। पीड़ित मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उनकी जांच इलाहाबाद से कराने में सहयोग करने का भी जिम्मा स्वास्थ्य महकमे ने लिया है।
दरअसल, जिले में डेंगू के कहर से लोग मर रहे हैं। इसकी पुष्टि होने के बाद भी सीएमओ यूके पांडेय यह मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने जिले में डेंगू के मच्छरों की मौजूदगी को ही खारिज कर दिया था। उन्होंने इसके लिए जलवायु और अनुकूल वातावरण का तर्क दिया था। जिले में बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप को देखकर स्वास्थ्य महकमे को सच का आइना दिखाने के लिए ‘अमर उजाला’ ने डेंगू को लेकर मुहिम चलाई थी। मुहिम के दौरान उठाये गए सवालों और जानकारों द्वारा डेंगू के पक्ष में दिए गए तर्क से घिरे जिले के सीएमओ डॉ यूके पांडेय को आखिरकार मानना पड़ा है कि जिला डेंगू फैला रहे मच्छरों के चंगुल में पूरी तरह से आ चुका है। उसकी नामौजूदगी की बात को सच साबित करने के लिए कभ्ाी जलवायु कभी प्रतिकूल वातारण का बहाना बताकर सच्चाई से मुंह फेरने वाले सीएमओ को आखिरकार डेंगू के खतरे का सच स्वीकार करना पड़ा।
उन्होंने रविवार को ‘अमर उजाला’ को बताया कि जिले में डेंगू का असर है। इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला अस्पताल में नया डेंगू वार्ड बनाया जा रहा है। इलाज की व्यवस्था की जा रही है। पीड़ितों का नमूना लेकर उसको जांच के लिए इलाहाबाद भेजने की व्यवस्था की जाएगी। ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी और आशाओं को दवा का छिड़काव करने और इस तरह के संदिग्ध मरीज की पहचान कर उसको इलाज कराने में मदद करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि चिकगुनिया और मलेरिया बुखार से पीड़ित मरीजोें पर भी नजर रखी जा रही है। जिला अस्पताल में खुलने वाला नया डेंगू वार्ड आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। बीमारी के वाहक बने डेंगू मच्छरों को रोकने के लिये मच्छरदानी की व्यवस्था की जा रही है।
बता दें कि डेंगू की चपेट में आने से अब तक जिले में चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें सपा नेत्री व राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ.रेहाना सिद्दीकी का भी नाम शामिल है। इसके अलावा मानधाता, कुंडा में भी डेंगू की चपेट में आने से मौतें हुई हैं। अभी भी डेंगू का कहर जारी है। गांव-गिराव में सैकड़ाें लोग कई दिनों से बुखार की चपेट में हैं।