पुलिस की निगरानी के बीच सपाइयों ने बुधवार को अंबेडकर चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का प्रतीकात्मक पुतला फूंका। चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। कई बार झड़प व नोकझोंक हुई। पुतला छीना-झपटी के दौरान एक दरोगा की वर्दी भी फट गई। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। इसके बाद पुलिस तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इससे नाराज सपाई चौराहे पर धरने पर बैठ गए। साथियों को रिहाई की मांग की। इस दौरान तीन घंटे तक वह बैठे रहे। शाम करीब पांच बजे पुलिस ने तीनों कार्यकर्ताओं का शांतिभंग में चालान कर दिया।
सुबह करीब 11 बजे सपा कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए सपा सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल, सपा रानीगंज विधायक डाॅ. आरके वर्मा, पट्टी विधायक राम सिंह पटेल, पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह मुन्ना, महिला मोर्चा की अध्यक्ष शांति सिंह, ज्योत्सना सिंह, सपा महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, मनीष पाल अंबेडकर चौराहा पहुंचे। यहां लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, देश बचाओ सहित नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
इसी बीच महिला मोर्चा की पदाधिकारी चुनाव आयुक्त का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने लगीं। इस पर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उन्हें रोकना चाहा, लेकिन तब तक पदाधिकारी पुतला दहन कर चुके थे।
कार्यकर्ताओं की भीड़ देख पुलिस की टीम अलर्ट हो गई। चौराहे पर पांच थाने की फोर्स पहुंच गई। पुलिस ने जनप्रतिनिधियों और सपा कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की लेकिन वह अड़े रहे। इसके बाद कार्यकर्ता दोबारा पुतला दहन करने की कोशिश करने लगे। इस पर पुलिस की टीम से उनकी झड़प होने लगी।
रोकने के प्रयास में धक्का-मुक्की हुई। पुतले की छीना-झपटी चल रही थी कि तभी कुछ कार्यकर्ता वहां से निकलकर बाहर आ गए और पुतला तैयार कर जलाने लगे। आग की लपटें देख पुलिस उसे बुझाने पहुंची। इस दौरान पुलिस की टीम से कार्यकर्ताओं में झड़प होने लगी। पुलिस ने तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इससे नाराज सपा पदाधिकारी अंबेडकर चौराहे पर अनशन पर बैठ गए।
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कार्यकर्ता की कटी जेब
प्रदर्शन के दौरान औवार के विकास सिंह की जेब कट गई। उन्होंने बताया कि भीड़ छंटने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्होंने इधर-उधर तलाश की लेकिन रुपये नहीं मिले।
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लगा जाम, रेंगते रहे वाहन
दोपहर करीब एक बजे अंबेडकर चौराहे पर कार्यकर्ताओं की भीड़ की वजह से जाम लग गया। वाहन की रफ्तार थम गई। वाहन रेंगते रहे। करीब तीन घंटे तक यही क्रम लगा रहा। इसका असर मीराभवन-सुखपाल नगर को जोड़ने वाली सड़क, चौक घंटाघर रोड पर रहा।
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कई कार्यकर्ताओं को आई मोच
धक्का-मुक्की के दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई थीं। इसमें कई वरिष्ठ नेता भी रहे। अधिकांश लोगों के हाथ में मोच आई।
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खप गया कई पेटी पानी
तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान सपाइयों को तल्ख धूप में रहना पड़ा। कार्यकर्ता गर्मी से बेहाल दिखे। वह आसपास की दुकानों पर पानी का बोतल खरीदते नजर आए। कई पेटी पानी की खरीदारी हुई।
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सीसीटीवी कैमरे से हुई निगरानी
पुलिस अफसरों ने पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से घटना पर नजर रखी। हालांकि मौके पर कई थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रही। पुलिस अफसर प्रदर्शन को लेकर हर गतिविधि की निगरानी करते रहे। थाना प्रभारियों के फोन पर लगातार निर्देश आते रहे।
प्रदर्शन के दौरान बिल्ला नोचे जाने पर दिखाता दरोगा। संवाद
प्रदर्शन के दौरान बिल्ला नोचे जाने पर दिखाता दरोगा। संवाद
प्रदर्शन के दौरान बिल्ला नोचे जाने पर दिखाता दरोगा। संवाद
प्रदर्शन के दौरान बिल्ला नोचे जाने पर दिखाता दरोगा। संवाद
प्रदर्शन के दौरान बिल्ला नोचे जाने पर दिखाता दरोगा। संवाद