प्रतापगढ़। पट्टी के सपा नेता विजय यादव के भतीजे राजीव यादव की हत्या के
मामले में फरार आरोपी अजय यादव और हत्या में प्रयुक्त बंदूक बरामदगी के लिए
तीन थानों की पुलिस ने शनिवार शाम कंधई इलाके के दोहरी गांव में दबिश दी।
यहां सपा जिला सचिव व निगरानी समिति के सदस्य रमेश यादव के घर की तलाशी ली
गई। पुलिस को हत्या में प्रयुक्त बंदूक नहीं मिली। पुलिस रमेश के नाबालिग
बेटे को उठा ले गई। देर शाम पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया।
राजीव
यादव की हत्या दीपावली की पूर्व संध्या पर आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में
हुई थी। नामजद छह आरोपियों में चार को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य
आरोपी राकेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अभी राकेश का बेटा अजय फरार
है। पुलिस हत्या में प्रयुक्त बंदूक भी नहीं बरामद कर सकी है। शनिवार शाम
एसओ आसपुर देवसरा संतोष दुबे, पट्टी के प्रभारी कोतवाल अजीत पांडेय और कंधई
के प्रभारी निरीक्षक रामनरेश यादव ने रमेश यादव के घर दबिश दी। पुलिस ने
कमरों में बंद ताले तोड़ दिए और बक्साें की तलाशी ली। हालांकि पुलिस के हाथ
कुछ नहीं लगा। पुलिस ने रमेश के 16 साल के बेटे आलोक को हिरासत में ले
लिया।
हालांकि शाम को सपा नेताओं के दबाव में पुलिस ने उसे छोड़
दिया। एसओ देवसरा संतोष दुबे ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त बंदूक के साथ
अजय के वहां छिपे होने की सूचना मिली थी। इसलिए दबिश दी गई थी लेकिन वह
नहीं मिला। रमेश यादव हत्यारोपियों की पैरवी के साथ उन्हें संरक्षण दे रहे
हैं। उधर रमेश ने पुलिस की ज्यादती की बाबत मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर
कार्रवाई की गुहार लगाई है।