बुजुर्ग की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके बेटे ने ही की थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए दामाद के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। हालांकि गहराई से छानबीन करने वाली पुलिस ने 40 घंटे के भीतर पिता की हत्या करने वाले आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
लालगंज कोतावली के राजातारा अमावां में शनिवार की रात खेत में बनी झोपड़ी में रहने वाले साठ वर्षीय रामफेर वर्मा की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी द्रौपदी ने अंतू निवासी दामाद अखिलेश पर हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने गहनता से जांच शुरू की तो घरवालों पर ही शक की सुई घूमी। पुलिस ने मृतक के छोटे बेटे श्यामू वर्मा पर घटना को अंजाम देने की आशंका को लेकर जांच शुरू की। सोमवार की रात वह घर से फरार हो गया। हालांकि लालगंज कोतवाल ने मंगलवार को पूरेतिलक राम गांव के करीब से आरोपी बेटे श्यामू वर्मा को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार यादव ने बताया कि मृतक आए दिन नशे में अपनी पत्नी द्रौपदी के साथ मारपीट करता था। घटना के दिन भी मारपीट की थी। जानकारी होने पर रात में बेटा श्यामू वर्मा खेत में सो रहे पिता पूछताछ करने गया। जहां कहासुनी के दौरान श्यामू पिता से अपना हिस्सा मांगने लगा। विवाद के दौरान श्यामू ने डंडे से पीटकर पिता की हत्या कर दी। घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी संजय राय ने बताया कि मृतका की पत्नी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए दामाद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पिता की हत्या करने वाले बेटे को जेल भेजा गया।
बेटे की पत्नी को घर लाने से दिया था रोक
मृतक के बेटे श्यामू ने प्रेम विवाह किया था, जिससे नाराज पिता उसकी पत्नी को घर में नहीं रहने देता था। वह अपनी ससुराल में पत्नी संग रहता था। इसे लेकर भी पिता व बेटे में तकरार होती रहती थी।