दिल्ली, मुंबई, हरियाणा में रहकर परिवार के लिए दो जून की रोटी का जुगाड़ करने वालों को जब खुद भूखों सोने की नौबत आई तो सभी पैदल व ट्रकों पर बैठकर घर की ओर चल पड़े। उनके कदम रुके तो केवल रात के अंधेरे में आराम करने के लिए।
दो दिन के भीतर बाहर से आने वाले 170 परदेसियों ने अपनी जांच कराई। इतना हीं नहीं बहुत से ऐसे लोग भी सामने आए हैं जिन्होंने खुद को सरकारी स्कूलों में 14 दिनों के लिए क्वारंटीन कर रखा है।
देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। जिले के बहुत से लोग दिल्ली, हरियाणा, मुंबई समेत अन्य प्रदेशों में रहकर परिवार के लिए रोजी रोटी का इंतजाम करते थे।
कोरोना संक्रमण के चलते देश में लाकडाउन के बाद हर कोई जहां था। वहीं रुक गया है। जिले में परदेश से रहने वाले लोगों का आना लगातार जारी है। कंधई थाना क्षेत्र में लगातार परदेसी अपने घर आ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाबा बेलखरनाथ धाम में 2 दिन के अंदर लगभग 170 लोगों की थर्मल स्कैनिंग कराई गई
। जांच में सभी का स्वास्थ्य ठीक मिला। खास बात यह है कि परदेसियों के परिजन उन्हें स्वयं अस्पताल भेज रहे हैं और गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन करा रहे हैं।
प्रशासन द्वारा क्वारंटीन लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। हालांकि अभी कई गांव में परदेसियों ने जांच नहीं कराई। जांच न कराने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
परदेस से आने वाले धरमपुर के रमेश कुमार, बेझा के रमेश कुमार, धरमपुर के विनोद कुमार, अखिलेश कुमार, अशोक कुमार, बब्लू भी अपनी जांच कराने सीएचसी पहुंचे। पूछने पर बताया कि रुपये खत्म हो गए थे।
भूखों रहने की नौबत आने के पहले ही घर के लिए चल पड़े। सीएचसी अधीक्षक विकासदीप पटेल ने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों की जांच के बाद उन्हें क्वारंटीन कराया जा रहा है।