कृषि रक्षा इकाई परिसर में बुधवार को कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण और कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तरीय कृषि निवेश मेला आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों को खेती में लागत कम करने, प्राकृतिक संसाधनों से खेती करने, कीटनाशक और रासायनिक उर्वरकों के सीमित इस्तेमाल की जानकारी दी गई। साथ ही समय-समय पर खेत की मिट्टी की जांच कराने का भी सुझाव दिया गया।
उप निदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने कहा, किसान प्राकृतिक उपलब्धता से खेती में नए प्रयोग करें। आज जिस तरह खेतों में रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक का प्रयोग हो रहा है उससे मृदा की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने फसलों में उर्वरक के बजाए जैविक खाद प्रयोग किए जाने व वैज्ञानिक पद्धति से खेती पर बल दिया। कहा, खेतों की मिट्टी की समय-समय पर जांच होती रहनी चाहिए।
राजकीय कृषि बीज भंडार प्रभारी कैलाश सिंह ने किसानों को बीजों पर मिलने वाली छूट, किसान फसल बीमा, किसान सम्मान निधि समेत योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वरिष्ठ प्राविधिक सहायक नीरज सोनी, प्राविधिक सहायक कुमार गौरव, आकाश सिंह, राजकुमार सिंह, प्रियंका सिंह, एटीएम अभिषेक ओझा, राजकुमार आदि ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। बीटीएम इम्तियाज अहमद अंसारी ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में किसानों के लिए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए थे। इस मौके पर भूमि परीक्षण प्रयोगशाला से अश्विनी सिंह, सूर्य कुमार, धीरज कुमार, किसान देवराज तिवारी, पूर्व प्रधान रामराज पटेल, मायापति तिवारी, शेखर तिवारी, श्रीकांत, केदारनाथ यादव, राम सरन, राम सूरत, हरीलाल, भारत लाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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