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Pratapgarh News: 80 फीसदी खेतों की मिट्टी बीमार, पैदावार हो रही प्रभावित

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रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से खेतों की मिट्टी बीमार हो गई है। जरूरी पोषक तत्वों की कमी के कारण फसल की उपज प्रभावित हो गई है। वर्ष 2024 में हुए मृदा परीक्षण में चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।
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करीब 80 फीसदी खेतों में नाइट्रोजन की मात्रा कम है। वहीं 70 फीसदी खेतों में जीवाश्म, कार्बन और 60 फीसदी क्षेत्र पर फॉस्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी पाई गई है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जाएगा। मिट्टी की जांच के लिए प्रत्येक विकासखंड के विभिन्न गांवों से एक हजार नमूने एकत्र किए गए हैं। जिले भर से 17000 नमूनों को संग्रहित कर जांच की गई। 12,800 खेतों की मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा औसत से कम पाई गई। वहीं 11710 में जीवाश्व और 9625 नमूनों में फॉस्फोरस औसत से कम रहा।
फसलों को हरा दिखाने के लिए डाल रहे यूरिया
वर्तमान समय में गेहूं फसल की बोआई चल रही है। कृषि विज्ञान केंद्र कालाकांकर के वैज्ञानिक डॉ. नवीन सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल को हरा बनाए रखने के लिए किसान जरूरत से ज्यादा यूरिया का प्रयोग करते हैं। इससे खेत की मिट्टी में जरूरी प्राकृतिक पोषक तत्व कम हो रहे हैं। गेहूं के एक एकड़ की फसल में एक बोरी या 50 किलो यूरिया पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के प्रयोग से भी मृदा की सेहत बिगड़ रही है। कीटनाशकों के छिड़काव के कारण फसल मित्र जीव जंतुओं की संख्या लगातार घट रही है। इससे पोषक तत्व मिट्टी से कम होते जा रहे हैं।
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जैविक खेती से हो सकता है मिट्टी का उपचार
बीमार हो चुकी मिट्टी की सेहत फिर से सही करने के लिए जैविक खेती एक अच्छा माध्यम है। कीटनाशक की जगह गो-मूत्र, नीम के पानी का छिड़काव भी कीटनाशक के रूप में किया जा सकता है। जैविक खादों का प्रयोग कर सेहतमंद उत्पाद तैयार किया जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि रसायनिक खादों के प्रयोग से उत्पादित अनाज स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इससे पेट मेें छाले, एलर्जी, लीवर, किडनी व ब्रेन की समस्या की शुरुआत हो सकती है।

जिन किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच कराई गई है, उनको मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किया जाएगा। कार्ड में पोषक तत्वों की जरूरी मात्रा का विवरण दिया जाएगा। विशेषज्ञों के सुझाव के साथ रसायनिक खादों का प्रयोग कम कर जैविक खादों का उपयोग करने का परामर्श भी कार्ड पर अंकित रहेगा।
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अशोक कुमार, कृषि अधिकारी।

जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा
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पोषक तत्व औसत मात्रा प्राप्त मात्रा

नाइट्रोन 260 किग्रा प्रति हेक्टेयर 218
फॉस्फोरस 15 किग्रा प्रति हेक्टेयर 8
पोटाश - 80 किग्रा प्रति हेक्टेयर - 60
पीएच - 8.5 - 6.5
सल्फर - 10 पीपीएम - 6
आयरन - 4.5 पीपीएम - 3
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