हरियाणा से तस्करी कर बेचने के लिए अंतू लाई जा रही करीब सवा करोड़ की शराब से लदी एक ट्रक लालगंज में पकड़ी गई। एसटीएफ व लालगंज पुिलस को संयुक्त रूप से यह कामयाबी मिली। पुलिस के मुताबिक अंतू इलाके का एक कारोबारी इस धंधे में शामिल है। उसी के भट्ठे पर शराब उतार कर आसपास के जिले में सप्लाई की जाती थी। हाइवे पर करीब घंटेभर चली पुलिस की कार्रवाई में चालक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
सोमवार दोपहर लालगंज पुलिस को एसटीएफ इलाहाबाद ने सूचना दी कि अवैध शराब से लदी एक ट्रक लखनऊ-वाराणसी-हाइवे पर रायबरेली से शहर की ओर जा रही है। जानकारी मिलते ही सीओ वीआर प्रेमी व प्रभारी कोतवाल अमित कुमार पांडेय की अगुवाई में पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को देखने के बाद शराब से लदे ट्रक के चालक ने स्पीड बढ़ा दी। हाइवे पर एसटीएफ के दरोगा अजय सिंह, अतुल सिंह, श्रीनिवास समेत कोतवाल प्रभारी अमित कुमार पांडेय व चौकी प्रभारी रानीगंज योगेश तिवारी, हरिनंदन ओझा अलग अलग वाहनों से पीछे लगे थे। ट्रक को दूसरी ओर लालगंज के इंदिरा चौक पर रोकेने के लिए एसआई आशुतोष कुमार त्रिपाठी खड़े थे। उन्होंने ट्रक को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक पुलिस गाड़ी की तरफ स्पीड बढ़ाते हुए शहर की ओर भागने लगा। दरोगा ने टायर पर फायर भी किया, लेकिन बेखौफ चालक ने ट्रक नहीं रोका। चालक ने सगरा पेट्रोल पंप से ट्रक वापस लालगंज की ओर मोड़ दी। लालगंज कस्बे में भी पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ कर ट्रक आगे निकल गया। इसकी जानकारी होने पर लालगंज पुलिस व एसटीएफ ने रानीगंज कैथौला पुलिस चौकी के सामने ट्रक रोकने का प्लान बनाया।
स्थानीय लोगाें की मदद से सड़क पर वाहनों को खड़ा कर दिया गया। एसआई आशुतोष के साथ स्थानीय लोगाें ने भी ट्रक का पीछा जारी रखा। कई बार चालक ने दरोगा को कुचलने चलने का प्रयास किया। रानीगंज में एसटीएफ और पुलिस के साथ भारी भीड़ देखने पर भी चालक ने ट्रक निकालने के चक्कर में नाले पर चढ़ा दिया, लेकिन पहिया फंसने से ट्रक आखिरकार रुक गया। इसके बाद लोगाें ने भाग रहे चालक को दौड़ाकर पकड़ लिया और धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया। चालक बलबीर सिंह समेत तीन को गिरफ्तार कर कोतवाली लाया गया। ट्रक को यहां लाकर तलाशी ली गई तो करीब बारह सौ पेटी हरियाणा की शराब बरामद हुई। इसकी कीमत एक करोड़ पच्चीस लाख बताई जा रही है। चालक ने बताया कि शराब अंतू इलाके में जा रही थी। आरोपियों को पूछताछ के बाद हत्या के प्रयास, आबकारी अधिनियम व एनडीपीएस एक्ट आदि धाराओं के केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। देर शाम एसपी माधव प्रसाद वर्मा व एएसपी पश्चिमी नीरज पांडेय लालगंज पहुंचे और हकीकत खंगाली।