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Pratapgarh News: किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा की जांच करेगी एसआईटी

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प्रयागराज और कौशाम्बी के किसानों का प्रतापगढ़ से पीएम सम्मान निधि का लाभ लेने के मामले की जांच एसआईटी करेगी। इसके लिए जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने शासन को पत्र लिखा है। वहीं इस प्रकरण की एक समानांतर जांच साइबर सेल ने भी शुरु कर दी है।
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कुछ दिनों पूर्व में लखनऊ में डाटा मिलान के दौरान खुलासा हुआ था कि प्रयागराज और कौशाम्बी के 41,432 किसान ऐसे हैं, जो प्रतापगढ़ से भी सम्मान निधि का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं। सभी ने खुद को कुंडा तहसील का निवासी दिखाया है। साइबर जांच में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि कुंडा तहसीलदार की लॉगिन आईडी की क्लोनिंग कर फर्जीवाड़ा किया गया।
कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि किसान सम्मान निधि के आवेदन के लिए सबसे पहले आवेदक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से आवेदन करता है। इसके बाद आवेदन में दी हुई जानकारी पहले संबंधित तहसील के तहसीलदार की लॉगिन में खुलती है। तहसील से अभिलेखों की पुष्टि के बाद आवेदन कृषि विभाग की लॉगिन आई में आ जाता है। यहां से पुष्टि के बाद आवेदन पूरा होता है।
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दो जनपदों से भुगतान लेने के मामले में तहसीलदार कुंडा की लॉगिन आईडी की क्लोनिंग कर उसे बाईपास करके रिपोर्ट पक्ष में लगा ली गईं। साइबर सेल ने तफ्तीश शुरु की तो 1300 से अधिक आईपी एड्रेस के जरिये लॉगिन करने की जानकारी मिली। मामला केंद्र सरकार के संज्ञान में डालकर आईपी एड्रेस से लेकर अन्य तकनीकी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
प्रकरण बेहद तकनीकी है इसलिए शासन से विशेष रूप से एसआईटी या आर्थिक अपराध शाखा से जांच कराने के लिए पत्राचार किया गया है। हकीकत जांच के बाद ही पता चल सकेगी।
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- शिव सहाय अवस्थी, डीएम
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