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रक्षाबंधन पर भाइयों से हेलमेट खरीदवाएंगी बहनें

Thu, 23 Aug 2018 12:11 AM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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रक्षाबंधन पर बेल्हा की बहनों ने एक अनूठी पहल शुरू की है। नौकरीपेशा में रहने वाली बहनों ने भाइयों को हेलमेट गिफ्ट करने की तैयारी की है, तो छोटी बहनों ने भाइयों से रक्षाबंधन पर हेलमेट खरीदने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। जो छात्राएं स्कूटी चलाती हैं, उन्होंने भाइयों से गिफ्ट के तौर पर हेलमेट देने को कहा है। एक बेटी की जिद ने पापा को हेलमेट खरीदने पर मजबूर कर दिया।  
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हर वर्ष सैकड़ों लोग सडक़ दादसों में दुर्घटना का शिकार होने के बाद काल-कवलित हो जाते हैं। इनमें दो पहिया वाहन चालकों की संख्या सबसे अधिक होती है। प्राय: हादसों में मौत की वजह सिर में गंभीर चोट लगना होता है। कहने का आशय है कि बाइक से सफर करने वाला व्यक्ति अगर हेलेमट लगाया होता, तो जान बच सकती थी। यूं तो हेलमेट की उपयोगिता समझाने के लिए समय-समय पर अभियान चलते रहते हैं, मगर इस बार रक्षाबंधन पर बहनों ने यह बीड़ा उठाया है। शहर के रामजीपुरम निवासी अशोक कुमार की बेटी पारूल ने यह जिद पकड़ ली है कि रक्षाबंधन पर अपने भाई को हेलमेट खरीदवाकर ही रहेंगी। सदरमोड़ निवासी दीक्षा तिवारी ने बुधवार को अपने भाई के लिए एक हेलमेट खरीदा। बकौल दीक्षा छोटा भाई शुभम तिवारी बाइक तेज चलाता है,  
मगर हेलमेट नहीं होने के कारण जब तक घर नहीं पहुंचता है, तब तक घरवाले परेशान रहते हैं। दीक्षा ने बताया कि यह हेलमेट भाई शुभम को रक्षाबंधन पर उपहार के रूप में भेंट करूंगी।  
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बहन को खरीदकर देंगे हेलमेट  
अष्टभुजानगर निवासी भूपेश श्रीवास्तव मिडिल स्कूल में शिक्षक हैं। उनकी बहन इंटर कालेज में टीचर है। भूपेश के मुताबिक उनकी बहन स्कूटी चलाती है, मगर हेलमेट नहीं लगाती है। इस वर्ष रक्षाबंधन पर गिफ्ट के दौर पर वह बहन को हेलमेट भेंट करना चाहते हैं। हालांकि बहन उनसे उपहार की उम्मीद नहीं करती है, मगर उन्होंने दृढ़ संकल्प लिया है कि वह रक्षाबंधन को उपहार स्वरूप हेलमेट ही देंगे।  

भाई की सुरक्षा से बड़ी कोई चीज नहीं  
पुरानी आबकारी, निरंकारी रोड निवासी आकांक्षा सिंह का भाई आकाश पढ़ाई करता है। वह बाइक से ही कालेज आता-जाता है, मगर हेलमेट नहीं लगाता है। भाई की सुरक्षा के लिए आकांक्षा ने कई बार हेलमेट खरीदने को कहा, उसे घर से रुपये भी मिले, मगर उसने हेलमेट नहीं खरीदा। बुधवार को आकांक्षा बाजार गई और भाई के लिए हेलमेट खरीद लाई। आकांक्षा का कहना है कि बाइक से सफर करने वालों के लिए हेलमेट बेहद जरूरी है। यह हमारी सुरक्षा करता है, कई बार इस लापरवाही से दोपहिया वाहन चालकों की जान पर बन आती है। हेलमेट पहनने में कतई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।  

ताकि महफूज रहें भाई  
बाबागंज निवासी अनुराग शर्मा तीन जून को भगवाचुंगी चौराहे पर आमने-सामने बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लंबे समय तक चले इलाज के बाद स्वस्थ हुए हैं। अब अनुराग की बहन स्वाती ने भाई को रक्षाबंधन पर हेलमेट देने का फैसला किया है। स्वाती ने अपनी सहेलियों से भी हेलमेट खरीदकर अपने भाइयों को गिफ्ट करने को कहा है।  

राखी के साथ खरीदा हेलमेट
बहनों ने भाई की कलाई में राखी बांधने के साथ ही सुरक्षा कवच के रूप में हेलमेट भेंट करने का फैसला किया है। रानीगंज कैथौला निवासी सपना की शादी शहर के शिवजीपुरम में हुई है। रक्षाबंधन पर अपने मायके जाने की तैयारी कर रही सपना ने बुधवार को राखी खरीदने के साथ ही छोटे भाई के लिए हेलमेट भी खरीदा।  
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पाठकों से  
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अमर उजाला, लक्ष्मी टॉवर, नियर अंबेडकर चौराहा, सिविल लाइंस, प्रतापगढ़।
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