प्रदेश सरकार 29 मार्च को सूबे की 39 महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार देने जा रही है। इनमें काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को पलटने से बचाने वाली प्रतापगढ़ की श्यामा देवी, आईपीएस अधिकारी अपर्णा कुमार व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात मुख्य आरक्षी गायत्री यादव शामिल हैं। अपर्णा कुमार पर्वतारोही हैं। उन्होंने कई ऊंची-ऊंची चोटियों पर चढ़कर तिरंगा फहराया है। इन्हें एक-एक लाख रुपये व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस दिन करीब 78 एसिड पीड़िताओं को भी सरकार तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करेगी।
वीरता पुरस्कार के सभी नाम सरकार ने फाइनल कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर होने वाले इस कार्यक्रम में महिलाओं व युवतियों को रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री एक वेबसाइट का भी उद्घाटन करेंगे। इस वेबसाइट के जरिए रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष पर भी ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी।
प्रदेश सरकार एसिड पीड़िताओं को भी तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से करने जा रही है। छह फरवरी 2015 को सरकार ने यह सम्मान कोष स्थापित किया था। लिहाजा पांच फरवरी तक एसिड पीड़ित सभी युवतियों को यह मदद 29 मार्च को मिलने जा रहा है। पहले 93 पीड़िताओं की सूची बनी थी। लेकिन इनमें से कई युवतियों की जब चिकित्सीय जांच हुई तो पता चला कि वे एसिड की बजाय आग से जली हैं।
लिहाजा सरकार ने अब करीब 78 एसिड पीड़ित युवतियों को ही आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है। इससे आर्थिक मदद पाने के लिए एसिड पीड़िताओं का बैकलॉग खत्म हो जाएगा। अब जो भी नए मामले आएंगे सरकार उन्हें तत्काल ही इस कोष से आर्थिक मदद प्रदान करेगी। इस कोष के जरिए सरकार दान भी मांगेगी। दानदाता ऑनलाइन ही अपने दान के पैसों का हिसाब-किताब भी जान सकेंगे।