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डॉक्टर हैं नहीं और अब एएनएम सेंटर को हेल्थ कम्यूनिटी सेंटर बनाने की तैयारी

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डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के अभाव के चलते जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग को खोजे नहीं मिल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी का दावा कर रहा है। अब जिले के 124 एएनएम सेंटरों को विस्तार देकर हेल्थ कम्युनिटी सेंटर बनाने की तैयारी है। हर सेंटर के लिए शासन ने 3.72 लाख का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। विभाग की इस पहल का लाभ लोगों को डाक्टरों के होने पर ही मिलेगा, लेकिन जिले में चिकित्सक नहीं हैं।
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जिले में कुल 360 एएनएम सेंटर का निर्माण हुआ है। इनमें से कुछ को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर सेंटरों का ताला नहीं खुलता है। जहां का ताला खुलता भी है वहां रात में एएनएम निवास नहीं करती हैं। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसव पीड़िताओं को जांच से लेकर प्रसव कराने तक के लिए सीएचसी, पीएचसी या फिर जिला महिला अस्पताल का चक्कर काटना पड़ता है। इन सेंटरों पर महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण तक नहीं हो पाता है। इन सबके बावजूद शासन ने 4 करोड़ 61 लाख 28 हजार की लागत से 124 सेंटरों का विस्तार करने के लिए मंजूरी दे दी है। 3.72 लाख की लागत से हर एएनएम सेंटर को हेल्थ कम्युनिटी सेंटर बनाने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है कि यहां सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक एक चिकित्सक और एक लैब टेक्नीशियन बैठेंगे। दस बेड का वार्ड होगा। इससे मरीजों की गांव में ही जांच और इलाज होगा। एएनएम दिन भर डॉक्टर के साथ तो रात में उसी सेंटर में बने आवास में रुकेंगी। रात में सेंटर पर आने वाली प्रसव पीड़िताओं का लेबर रूम में प्रसव कराएंगी। ग्रामीण इलाके के लोगों को इलाज कराने के लिए शहर नहीं आना होगा। सेंटर से रेफर होने के बाद ही सीएचसी-पीएचसी या फिर जिला अस्पताल अथवा महिला अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। मजेदार बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग खुद डॉक्टर और नर्स का रोना रो रहा है। किसी सीएचसी में तीन तो किसी में चार या फिर पांच डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है। कुछ ही सीएचसी ऐेसे हैं जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हुई है। जिला अस्पताल में ही देखा जाए तो प्रतिदिन एक हजार से 15 सौ के करीब मरीज आते हैं। यहां पर हृदय रोग, चेस्ट रोग, चर्म रोग के डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई है। सीएचसी-पीएचसी एमबीबीएस चिकित्सकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। ऐसे में शासन की मंशा कैसे परवान चढ़ेगी।
124 सेंटरों को चिह्नित कर भेजी रिपोर्ट
एएनएम सेंटरों का विस्तार करके हेल्थ कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को जिम्मेदारी दी है। शासन के आदेेश पर स्वास्थ्य विभाग ने 124 सेंटरों को चिह्नित कर जिला प्रशासन को सूची भेज दी है।
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एएनएम सेंटरों को हेल्थ कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिए शासन ने आदेश दिया है। जहां अधिक मरीज आते हैं, ऐसे 124 सेंटरों को चिह्नित करके जिला प्रशासन को लिस्ट भेज दी गई है। बनकर तैयार होने तक डॉक्टर आ जाएंगे।
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अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।
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