एक अप्रैल से अंग्रेजी शराब के दाम में कमी आई है, लेकिन दुकानदार अभी भी लोगों से अधिक दाम वसूल रहे हैं। शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों को जांच करने की फुर्सत तक नहीं है। शासन ने कई सालों से अंग्रेजी शराब की बिक्री में कमी को देखते हुए इस बार एक अप्रैल से अंग्रेजी शराब के दामों में कमी कर दी। जिसे एक अप्रैल से लागू भी कर दिया गया। खास बात यह है कि अधिकांश दुकानों पर पुराना स्टाक अभी भी रखा हुआ है। जिस पर प्रिंट रेट अधिक है। नया स्टाक मिलने के बाद भी अंग्रेजी शराब के दुकानदारों ने दामों में कमी नहीं की। सहालग में दुकानदारों ने मय के शौकीनों से अधिक दाम वसूले। लोगों ने कई बार शिकायत भी जिला आबकारी अधिकारी के साथ ही निरीक्षक से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दुकानदार नए ग्राहकों को पुराने रेट वाली शराब की बोतल पकड़ा देते हैं। यदि कोई विरोध करता है तो उसके साथ वे मारपीट पर उतर जाते हैं। इससे अंग्रेजी शराब के शौकीनों की जेब बराबर कट रही है। उन लोगों को जांच करने की फुर्सत नहीं है। जिला आबकारी अधिकारी बच्चालाल का कहना है कि दुकानदारों को नए रेट पर ही शराब बेचने का निर्देश दिया गया है। इस तरह की जहां शिकायतें मिलती हैं वहां जांच कराई जाती है।