Shohade was sentenced to life in the irresponsible murder of a student
प्रतापगढ़। स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट रवींद्र कुमार ने दसवीं की छात्रा से छेड़खानी के बाद बाइक से टक्कर मारकर उसकी जान लेने वाले मनचले को आजीवन कारावास और 60,300 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पांच वर्ष पहले मनचले ने घटना को उस समय अंजाम दिया था जब वह कोचिंग से लौट रही थी।
जिले के मानिकपुर इलाके के गलीबाग (कियावां) गांव निवासी शीटू उर्फ आलोक पांडेय को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने दसवीं की छात्रा से छेड़खानी करने और बाइक से टक्कर मारकर हत्या करने के आरोप में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। घटनाक्रम के अनुसार जगदीश प्रसाद निवासी बड़गोपूरेहेम ने 18 नवंबर 2015 को मानिकपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनकी बेटी कल्पना (काल्पनिक नाम) दसवीं की छात्रा थी। वह सुबह छह बजे कोचिंग पढ़ने जा रही थी। अभी वह वंशीलाल पटेल की चाय की दुकान के आगे पहुंची थी कि तभी काले रंग की पल्सर लेकर आलोक पांडेय उसके साथ छेड़खानी करते हुए बगल से निकल गया। कुछ दूर जाने के बाद बाइक मोड़कर लौटा और छात्रा को टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गई। मौके पर मौजूद छात्रा के भाई हरिकेश उसे लेकर सीएचसी कुंडा भागा, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मनचले को सजा दिलाने में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेशचंद्र द्विवेदी और शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्र, राकेश कुमार सिंह ने पूरी मेहनत की। पॉक्सो एक्ट में पहली बार किसी मनचले को इतनी बड़ी सजा मिली है। कोर्ट का यह फैसला शनिवार को कचहरी में चर्चा का विषय बना रहा।