प्रतापगढ़। सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी है। उनकी तैनाती जिले के ही विकास खंडों में होगी। संख्या बढ़ने पर भी उन्हें गैर जनपद तैनाती नहीं दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्राइमरी के शिक्षकों का प्रमोशन कर पद खाली किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षामित्रों के दूसरे चरण के समायोजन लेकर मंथन करना प्रारंभ कर दिया है। शासन का निर्देश है कि समायोजित शिक्षामित्रों की संख्या के अनुपात में अगर जिले में पद खाली नहीं है तो निकट के जनपदों में तैनाती दे दी जाए। मगर बीएसए शिक्षामित्रों को जिले के बाहर भेजने के पक्ष में नहीं हैं। वह सभी शिक्षामित्रों को जिले में ही तैनाती देंगे। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के करीब 5072 पद सृजित हैं।
इनमें 3069 पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं जबकि तकरीबन 2003 सहायक अध्यापकों के पद रिक्त हैं। दूसरे चरण में शामिल 1501 शिक्षामित्रों, 502 प्रशिक्षु शिक्षकों और 53 बीटीसी और उर्दू बीटीसी के अभ्यर्थियों की तैनाती होनी है। इस प्रकार चालू शिक्षासत्र में 2506 सहायक अध्यापकों की तैनाती होनी है। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक और रिक्त पदों की संख्या कम होने के बावजूद बीएसए शिक्षामित्रों को गैरजनपद नहीं भेजेंगे। बल्कि प्राइमरी में तैनात 503 शिक्षकों को प्रमोशन देकर पद खाली करेंगे और सभी शिक्षकों को जिले के प्राइमरी स्कूलों में तैनाती देंगे। बीएसए एसटी हुसैन ने बताया कि रिक्त पदों और अभ्यर्थियों के बीच का अंतर अधिक नहीं है। इसलिए रिक्त स्थान नहीं होने पर पद सृजित कर शिक्षामित्रों को जिले में ही तैनाती दी जाएगी।