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मैक्सन और जागृति संस्था ब्लैकलिस्टेड, संचालकों पर एफआईआर

Fri, 10 Aug 2018 11:48 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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निराश्रित महिलाओं को आश्रय देने के लिए स्वाधार आश्रय गृह के नाम पर भारी फर्जीवाड़ा करने के मामले में शासन ने आरोपी दोनों संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अनियमितता के आरोप में जागृति और मैक्सन एनजीओ को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। शासन के आदेश पर डीएम ने मैक्सन के संचालक इंद्रजीत सिंह और जागृति संस्था की संचालक रमा मिश्रा के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। वर्ष 2017-18 में दोनों संस्थाओं को मिली धनराशि की रिकवरी करने का भी आदेश दिया है।
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दोनों आश्रयगृहों में रहने वाली महिलाओं को वाराणसी शिफ्ट किया जाएगा।
जिलाधिकारी शंभु कुमार ने दो दिन पहले अष्टभुजानगर स्थित जागृति और अचलपुर स्थित मैक्सन स्वाधार आश्रय गृहों का निरीक्षण किया था। इस दौरान भारी अनियमितता सामने आई थी। मौके पर बहुत कम महिलाएं मिलीं थीं, जबकि नाम 15 से ज्यादा महिलाओं के दर्ज किए गए थे। जिला प्रशासन रात तक महिलाओं का इंतजार करता रहा, लेकिन वह नहीं आईं। दूसरे दिन जांच में पता चला कि वित्तीय अनियमितता और फंड के लिए दोनों एनजीओ ने काल्पनिक नाम रजिस्टर पर दर्ज कर लिए थे। दोनों जगह 20 महिलाओं के नाम काल्पनिक मिले थे। डीएम शंभु कुमार ने मामले से शासन को अवगत कराए हुए बाल एवं महिला कल्याण विभाग को इसकी रिपोर्ट भेजी थी। डीएम की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए शासन ने मैक्सन और जागृति संस्था को ब्लैक लिस्टेड कर दिया। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया। डीएम के निर्देश पर नगर कोतवाली पुलिस ने मैक्सन के संचालक इंद्रजीत सिंह और जागृति की संचालक रमा मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शासन ने दोनों संस्थाओं को ब्लैक लिस्टेड करते हुए वर्ष 2017-18 में आवंटित धनराशि की भू-राजस्व बकाए की तरह वसूली करने को कहा है। आश्रय गृहों में मौजूद महिलाओं को वाराणसी से स्थित राजकीय महिला शरणालय में शिफ्ट करने को कहा है।

जांच में दोनों आश्रय गृहों में भारी अनियमितता मिली थी। शासन ने दोनों संस्थाओं को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। उनसे धनराशि की रिकवरी की जाएगी। दोनों संस्थाओं के संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है।
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शंभु कुमार, जिलाधिकारी।

फर्जीवाड़ा करने वाली संस्था को दे दी बालश्रम विद्यालय की जिम्मेदारी

 निराश्रित महिलाओं को आश्रय देने के लिए स्वाधार आश्रय गृह के नाम पर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाली मैक्सन ग्रामोद्योग समिति के संचालक इंद्रजीत सिंह ने एक और फर्जीवाड़े की तैयारी कर रखी थी। रसूख और अपनी ऊंची पहुंच के दम पर उसने जिले में बालश्रम विद्यालय चलाने का अनुमोदन भी हासिल कर लिया था। स्वाधार आश्रय में फर्जीवाड़े की आरोपी दूसरी संस्था जागृति ने भी बालश्रम विद्यालय के लिए आवेदन किया था, लेकिन पूर्व में 1.20 लाख रुपये का घपला उजागर होने के कारण उसे बालश्रम विद्यालय के लिए अनुमति नहीं दी गई। हालांकि बाद में समिति ने रुपये भी जमा किए, मगर तब तक मौका हाथ से निकल गया था।
शहर के अचलपुर और अष्टभुजानगर में महिला आश्रय केंद्रों में फर्जीवाड़े में लिप्त एनजीओ ने एक और घपले की तैयारी कर रखी थी। राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना के तहत मैक्सन ग्रामोद्योग समित के संचालक इंद्रजीत सिंह ने बालश्रम उन्मूलन समिति से जिले में बाल श्रम विद्यालय चलाने के लिए भी अनुमति हासिल कर ली थी। बीते दो अगस्त को ही इसका अनुमदोन हुआ था। मंगरौरा विकास खंड में किराए के मकान में बालश्रम विद्यालय चलाने की तैयारी थी। आश्रय गृहों में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शासन द्वारा दोनों संस्थाओं को ब्लैक लिस्टेड करने के बाद अब जिला प्रशासन ने मैक्सन ग्रामोद्योग समिति के बालश्रम विद्यालय का अनुमोदन निरस्त करने की तैयारी कर ली है। इधर, जागृति महिला आश्रय केंद्र को इस वर्ष बालश्रम स्कूलों को चलाने से वंचित कर दिया गया है। दरअसल, बीते वर्षों में बालश्रम विद्यालयों में 1.20 लाख रुपये का घपला करने पर इस वर्ष योजना से वंचित कर दिया गया है। हालांकि आनन-फानन में 1.20 लाख रुपये जमा किए गए, मगर तब तक चयन की कार्रवाई पूरा हो चुकी थी। वर्ष 2004-05 में जिले में बालश्रम विद्यालय खोले गए थे। जागृति संस्था को जिले में तीन स्कूलों को संचालित करने का जिम्मा मिला था। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति बांटने के  लिए 1.20 लाख रुपये आए थे। जिसे वितरित करने के बजाए जेब में रख लिया गया था। जिला प्रशासन के दबाव बनाने के बाद भी रुपये जमा नहीं हुए थे।

आश्रय गृहों के संचालन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दोनों संस्थाओं को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। संचालकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा रहा है। मैक्सन ग्रामोद्योग समिति का बालश्रम विद्यालय का अनुमोदन निरस्त किया जा रहा है।
एसपी सिंह, एसडीएम सदर।

बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के  लिए चलेंगे स्कूल
छोटी उम्र में पढ़ाई के बजाए कामकाज करने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिले में 42 स्कूलों का चयन किया गया है। मानधाता, मंगरौरा, आसपुर देवसरा, कालाकांकर, लालगंज, गौरा ब्लाकों में बालश्रम स्कूल संचालित किए जाएंगे। इन स्कूलों में 25 बच्चों पर एक अध्यापक की तैनाती की जाएगी।

एनजीओ को मिली है बालश्रम विद्यालय चलाने की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय बालश्रम परियोजना के तहत जिले में बालश्रम उन्मूलन समिति का गठन हुआ है। बालश्रम विद्यालयों के संचालन के लिए समिति की ओर से विभिन्न स्वंयसेवी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई है। यह संस्थाएं शिक्षक और कर्मचारियों की तैनाती करेंगी। गैर आवासीय इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वजीफा भी मिलेगा। बालश्रम उन्मूलन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं।

स्कूलों में दो साल होगी पढ़ाई
जिले में संचालित होने वाले 42 स्कूलों में दो साल की पढ़ाई होगी। बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर स्थानीय स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा। फिलहाल अभी तक स्कूलों का संचालन प्रारंभ नहीं हुआ है। एनजीओ ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बस डीएम की हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
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