फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देशभक्ति का ख्वाब जो जुनून बन गया

Sun, 29 Jan 2017 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
pratapgarh
विज्ञापन

विज्ञापन
कश्मीर के बांदीपारा गुरेज सेक्टर में हिमस्खलन में शहीद हुए बेल्हा के लाल विजय शुक्ला के भीतर देशभक्ति का ख्वाब बचपन से ही हिलोरे मार रहा था। धीरे-धीरे उनका यह ख्वाब जुनून बन गया। अंजाम की परवाह किए बिना बीएससी की पढ़ाई छोड़ उन्होंने देश की सेवा करने के लिए सेना में भर्ती होकर अपना ख्वाब पूरा किया। आखिरकार सीमा की रखवाली करते हुए वह शहीद हो गए।

फतनपुर थाना क्षेत्र के पांडेयतारा निवासी तीर्थराज शुक्ला की सबसे छोटी संतान विजय शुक्ला वर्ष 2002 में थल सेना में भर्ती हुए थे। जुलाई 2014 में उसकी तैनाती कश्मीर के बांदीपारा के गुरेज सेक्टर में हुई थी।  25 जनवरी को बर्फबारी के दौरान विजय शुक्ला हिमस्खलन में दब गए और साथियों के साथ शहीद हो गए। आखिरकार एवलांच की टीम 44 घंटे बाद विजय समेत दूसरे शहीद सैनिकों के शव को खोज सकी। शहीद विजय के चाचा राधेश्याम शुक्ला ने बताया कि बचपन में भाइयों के साथ पढने के दौरान विजय गंगाराम की दुकान के सामने स्थित सैनिक की प्रतिमा के पास खड़े हो जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह अपने बड़े भाई के पूछने पर जवाब देते थे कि वह भी सेना की सैनिक बनेंगे। स्कूल व कालेजों में मौका मिलने पर नाट्य मंचन के दौरान सैनिक का किरदार निभाया करते थे। पिता तीर्थराज शुक्ला ने बताया मध्य प्रदेश के मुरैना के झारखंडेश्वर कालोनी में रहते हुए सभी बच्चों ने पढ़ाई पूरी की। इंटर के बाद बीएससी की पढ़ाई विजय ने छोड़ दी। पूछने पर बोले कि वह शिक्षक नहीं बनना चाहते बल्कि सेना में भर्ती होंगे। उसकी जिद के नाते सेना में भर्ती होने के लिए पिता ने छूट दे दी। आखिरकार सैनिक बनकर देश सेवा का सपना विजय का पूरा हो गया और वह शहीद होकर माता पिता के साथ ही जिले का मान बढ़ाते हुए दुनिया से विदा हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें