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भानू गैंग का इनामी शार्प शूटर पुलिस मुठभेड़ में घायल

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पुलिस मुठभेड़ में घायल ईनामी बदमाश से जिला अस्पताल में पूछताछ करते एसपी अभिषेक सिंह। - फोटो : PRATAPGARH
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भानू गैंग का इनामी शार्प शूटर पुलिस मुठभेड़ में घायल
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हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर, सराय मकई नदी पुल पर भोर में हुई पुलिस से मुठभेड़
टापटेन अपराधी पर पुलिस ने घोषित कर रखा था 25 हजार का इनाम, पुलिस को थी काफी दिनों से तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़/ जेठवारा। भानू गैंग के इनामी शार्प शूटर की गुरुवार भोर में जेठवारा पुलिस व स्वाट टीम से सराय मकई नहर पुल पर मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में 25 हजार के इनामी टाप टेन अपराधी के पैर में गोली लग गई। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने उससे पूछताछ की। डॉक्टरों ने उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। जिले की पुलिस को काफी दिनों से उसकी तलाश थी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि टाप टेन के इनामी अपराधी राहुल तिवारी पुत्र रामजीत तिवारी की तलाश में स्वाट टीम व जेठवारा पुलिस काफी दिनों से लगी हुई थी। जेठवारा में दवा विक्रेता रजत की हत्या राहुल ने ही अंजाम दिया था। उसके ऊपर 25 हजार का इनाम भी रखा गया था। राहुल की लोकेशन जेठवारा में बुधवार की रात मिली थी। जिसके बाद उसे दबोचने के लिए स्वाट टीम व जेठवारा थानाध्यक्ष को लगाया गया था। गुरुवार भोर में सरायमकई पुल के पास पुलिस मौजूद थी। तभी एक बाइक आती दिखी। पुलिस को देख बाइक सवार वापस लौटने लगा। पुलिस ने उसे रोकने के लिए दौड़ी। तभी बाइक सवार युवक ने बचने के लिए पुलिस पर फायर झोंक दिया। पुलिस ने बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग कर दी। भागने के दौरान बाइक सवार के पैर में गोली लग गई और बाइक समेत गिर पड़ा। उसके पास से एक तमंचा व पांच कारतूस बरामद हुआ। उसकी पहचान राहुल तिवारी पुत्र रामजीत निवासी भंगवा के रूप में हुई। उसे जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे प्रयागराज रेफर कर दिया। पुलिस अभिरक्षा में उसे एसआरएन ले जाया गया। घटना की जानकारी के बाद अस्पताल पहुंचकर राहुल से पूछताछ करने के बाद एसपी ने बताया कि राहुल पुलिस अभिरक्षा से फरार चल रहे भानु गैंग का शार्प शूटर है। राहुल ही 2014 में पेशी के दौरान भागने पर भानु को बाइक से लेकर भागा था। बाघराय के विहार में पेट्रोल पंप पर सेल्समैन रामराज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 2016 में भानु दुबे के साथ मिलकर कंधई थाना क्षेत्र के यहियापुर निवासी मसीद की रुपये के लेनदेन में हत्या कर दी थी। अप्रैल माह में आयुष कौशल के कहने पर डेरवा के दवा कारोबारी रजत केसरवानी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जुलाई माह में डेरवा के मोहम्मद अली के कहने पर अपने साथी अजीत पुत्र त्रिभुवन निवासी भदारी लालगंज और पतुलकी के अरसद के साथ मिलकर डेरवा बाजार में मुमताज अहमद को गोली मार दी थी।
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इनसेट-----
रंगदारी मांगने के चलते बंद कर दिया था दुकान
पुलिस की पूछताछ में राहुल ने बताया कि डेरवा के एक सरदार ने इंजन की दुकान खोली थी। उससे कई बार रंगदारी ली गई थी। रंगदारी की डिमांड बढ़ने से तंग आकर उसने दुकान ही बंद कर दी। डेरवा के पवन ज्वैलर्स भी कई बार रंगदारी ली गई थी। प्रयागराज के सोरांव में 17 हजार रुपये लूट की घटना को अंजाम दिया गया था।
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इनसेट----
महेशगंज से लेकर लालगंज तक करते थे अपराध
सीओ क्राइम आलोक सिंह ने बताया कि भानु गैंग के शातिर बदमाश जिले में बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं। हालांकि उनका कार्यक्षेत्र महेशगंज, जेठवारा, लालगंज, बाघराय और संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र ही है। रुपये कम होते ही सभी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। भानु दुबे के बारे में पुलिस लगातार राहुल से पूछताछ करती रही लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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