प्रधान डाकघर के दो दशक पुराने खातों को लालगंज उपडाकघर में स्थानांतरित कर 14 लाख रुपये की घपलेबाजी में जांच में कई कर्मचारी निशाने पर हैं। उनसे पूछताछ हो रही है। अभी भष्ट्राचार की कई परतें खुलेंगी। खातों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। करीब डेढ़ करोड़ तक के घपले का अनुमान है। इधर, प्रारंभिक जांच में तीन डाककर्मियों के निलंबन के बाद प्रधान डाकघर व उप डाकघर लालगंज के कर्मचारी निशाने पर हैं।
प्रधान डाकघर के 32 खातों से 14 लाख रुपये की घपलेबाजी सामने आई है। जांच कमेटी की प्रारंभिक जांच में यही तथ्य सामने आए हैं। खातों के स्थानांतरण में प्रधान डाकघर के दो कर्मचारियों की आईडी इस्तेमाल की गई है। रुपये का ट्रांजेक्शन लालगंज उप डाकघर के उप डाकपाल अनिल त्रिपाठी, लालगंज डाक सहायक सुधीर मिश्रा, वीरेंद्र मिश्रा की आईडी से किया गया।
जांच के बाद लालगंज के तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। अब जांच कमेटी प्रधान डाकघर व लालगंज के उप डाकघर के खातों की स्क्रीनिंग में जुटी हुई है। इसमें आवर्ती जमा (आरडी), सावधि जमा (टीडी) और बचत खाते शामिल हैं। कितने खाते ट्रांसफार्मर हुए हैं। कब हुए हैं। खातेदार कहां के हैं, उनके खाते में कितनी रकम हैं। इसकी जांच भी हो रही है।
जांच में कई खाते संदिग्ध मिले हैं। खातेदारों से भी फीडबैक लिया जा रहा है। ऐसे में कई और खातों में घपलेबाजी की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में घपलेबाजी की रकम करीब डेढ़ करोड़ तक बढ़ने की उम्मीद है।
वर्जन-
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कई खाते संदिग्ध मिले हैं। उनकी स्क्रीनिंग हो रही है।
इसम सिंह, प्रवर डाक अधीक्षक