ति-पत्नी दोनों की अर्थी साथ-साथ निकली।
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काफी दिनों से बीमार चले रहे पूर्व शासकीय अधिवक्ता के अंतिम संस्कार के लिए अर्थी बंधती देख उनकी पत्नी की भी सांसें थम गई। यह देख हर आंखों से आंसू बहने लगे। परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बाद में दोनों की अर्थी एक साथ घर से निकली। जिसे देखने के बाद हर कोई रो पड़ा। पट्टी कोतवाली क्षेत्र के रायपुर निवासी जगदीश कुमार मिश्रा (72) पूर्व शासकीय अधिवक्ता थे।
सेवानिवृत्त होने के बाद वह घर पर ही रहते थे। एक माह पहले ब्रेन हेमरेज के कारण उनकी तबीयत खराब हुई तो परिजनों ने उन्हें लखनऊ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को जगदीश कुमार का निधन हो गया। परिजन शव लेकर घर आ गए। शनिवार को परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयारी कर रहे थे।
पति की सज रही अर्थी देख उनकी पत्नी सुशीला की तबीयत खराब हो गई। परिवार व रिश्तेदारों के समझने से पहले ही सुशील की भी सांसें थम गईं। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। अचानक बुजुर्ग दंपती की मौत से पूरा परिवार टूट गया। कुछ देर बाद एक साथ पति और पत्नी की अर्थी उठी तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। जीवन भर एक दूसरे का साथ देते हुए पति और पत्नी ने जीवन का साथ निभाया और दुनिया से दोनों अंतिम विदाई भी साथ हुई। परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया।