जिलाधिकारी ने पर्यटन नगरी बाबा घुइसरनाथ धाम का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सई नदी पर निर्माणाधीन पैदल सेतु का कार्य बंद देख भड़क उठे। यही नहीं कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों व अधिकारियों की अनुपस्थिति देख डीएम का पारा और चढ़ गया। नाराज डीएम अमृत त्रिपाठी ने सीडीओ को सेतु निगम के अधिशासी अभियंता के विरुद्ध कार्य में लापरवाही बरतने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सई नदी के किनारे छोर पर क्षेत्र पंचायत द्वारा मनरेगा के समतलीकरण कार्य का निरीक्षण करने और तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। हालांकि समतलीकरण कार्य की प्रगति पर उन्हाेंने संतोष जताया।
डीएम ने मेला क्षेत्र में दुकानों के अतिक्रमण को लेकर थानाध्यक्ष के प्रति भी नाराजगी जताई। उन्होंने सांगीपुर थानाध्यक्ष को तलब कर दुकानों के अतिक्रमण को लेकर कड़ी फटकार लगाते उन्हें कार्रवाई के लिए अंतिम चेतावनी दी। डीएम ने एसओ को आगाह करते हुए कहा कि यदि पुन: उन्हें यहां अतिक्रमण देखने को मिला तो अगली बार सीधे निलंबन भी तय होगा। जिलाधिकारी की तनी भृकुटी देख एसओ वीरेन्द्र तिवारी की घिघ्घी बंध आई। जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में गंदगी की बाबत भी नाराजगी जताते हुए ग्राम पंचायत कुम्भापुर के सफाई कर्मी को तलब किया। डीएम ने एसडीएम, बीडीओ और ग्राम प्रधान को यहां सफाई के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाने के कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक कर बाबा धाम में जारी विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों से धाम में प्रकाश व्यवस्था की बाबत शौर ऊर्जा से चालित अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट भी तत्काल लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के प्रबंधों को लेकर भी अफसरों से विचार विमर्श किया। इस मौके पर सीडीओ मनीष वर्मा, एसडीएम जयनाथ, डीडीओ रमाकांत तिवारी, सीएमओ डॉ. वीके सिंह, ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह बबलू, प्रधान शंकर दास आदि रहे।
जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने समग्र गांव घूरीपुर में शौचालय निर्माण में गुणवत्ता न देखकर जिला पंचायत राज अधिकारी की जमकर क्लास ली। वहीं हाट कुक्ड का रजिस्टर न मिलने पर आंगनबाड़ी विभाग की मुख्य सेविका सावित्री देवी के निलंबन की बात कही। ग्रामीणों द्वारा कोटेदार के विरुद्ध केरोसिन तेल तथा खाद्यान्न सामाग्री निर्धारित दाम से ज्यादा दिए जाने की शिकायत पर एसडीएम से कोटा सीज करने को कहा। गांव में लगी चौपाल में जिलाधिकारी ने शासन द्वारा संचालित विकास योजनाओं को लेकर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय की कक्षा दो की छात्रा मुस्कान के द्वारा एबीसीडी सुनाए जाने पर दस रुपए का नकद पुरस्कार दिया। सहायक अध्यापिकाओं से प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री का नाम पूछने पर सही जवाब पर प्रशंसा की।