प्रदेश के न्यायालय परिसरों में हो रही घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा के इंतजाम की कवायद शुरू हो गई। जिससे न्यायालय परिसर में वारदातों को रोका जा सके। इसके लिए गुरुवार को न्यायिक अधिकारियों संग पुलिस अधिकारियों ने न्यायालय परिसर का जायजा लिया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गुरुवार को न्यायिक अधिकारियों संग पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बैठक की। इसके बाद न्यायालय परिसर का भ्रमण सुरक्षा के लिए किए जाने वाले इंतजाम को देखा। सीजेएम, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय, सीओ सिटी एमपी सलोनिया ने दीवानी न्यायालय परिसर का भ्रमण किया। अफसरों के मुताबिक, परिसर में सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी हैं। परिसर में आने वाले हर व्यक्ति पर नजर नहीं रखी जा सकती। सुरक्षा के लिए दूसरे संसाधनों की भी आवश्यकता है।
सीओ सिटी ने बताया कि निरीक्षण के बाद यह तय हुआ है कि परिसर में लोगों के प्रवेश के लिए दो गेट बनाए जाएं। जहां मेटल डिटेक्टर लगा हो। कर्मचारियों व वकीलों के न्यायालय में प्रवेश के लिए अलग से गेट होना चाहिए। चप्पे-चप्पे पर निगाह रखने के लिए तीन कंट्रोल रूम स्थापित करने की आवश्यकता है। पूरे परिसर में सीसीटीवी के जरिए हर लोगों की गतिविधियों पर नजर रखा जा सकता है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी गेटों पर मुस्तैद रहेगा। इसकी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन जल्द ही शासन को भेजेगा। ताकि इस दिशा में कार्य हो सके।