कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बीमार हुई छात्राओं के मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एसडीएम पहुंचे। जांच के दौरान विद्यालय में हर जगह गंदगी मिलने पर डीएम व बीएसए को रिपोर्ट भेजी गई है। छात्राओं से पूछताछ के साथ ही एसडीएम ने वार्डन को जमकर फटकार लगाई। लालगंज विकास खंड के सराय जानमती स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से बीते 28 जनवरी को 26 बीमार छात्राओं को एंबुलेंस से स्थानीय सीएचसी लाया गया था। बीमारी की वजह चिकित्सकों ने गंदगी बताई तो शिक्षा विभाग के अफसरों के हाथ पांव फूल गए। इसकी खबर ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता में छपी तो लालगंज एसडीएम दिनेश मिश्र ने संज्ञान लिया। बुधवार को वार्डन से स्पष्टीकरण तलब किया था। बृहस्पतिवार को वह छात्राओं की बीमारी के मामले की जांच करने कस्तूरबा विद्यालय भी पहुंच गए। यहां पहुंचते ही एसडीएम को हर ओर गंदगी ही मिली।
रसोईघर, शौचालय, पानी की टंकी, बिस्तर समेत परिसर में भी गंदगी देख एसडीएम भड़क उठे। उन्होंने विद्यालय की बदहाली देख वार्डन व शिक्षिकाओं को जमकर फटकार लगाई। पूछताछ के दौरान एसडीएम को वार्डन प्रतिभा कुशवाहा ने बताया कि छात्राओं को मामूली बीमारियों की वजह से अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन जांच के दौरान एसडीएम को जिस तरह से गंदगी दिखी, उन्होंने छात्राओं की बीमारी की वजह भी प्रमुख रूप से इसे ही माना। विद्यालय की ओर से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी एसडीएम ने छात्राओं से पूछताछ की। विद्यालय में जांच की आख्या भी उन्होंने जिलाधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी है। जिसमें एसडीएम ने छात्राओं की बीमारी के पीछे का कारण गंदगी होना ही बताया है। एसडीएम के अचानक निरीक्षण करने पहुंचने पर कस्तूरबा विद्यालय में हड़कंप मचा रहा।