विद्यालय से प्रधानाध्यापक रिटायर हुए तो विभाग इसमें शिक्षकों की तैनाती करना ही भूल गया। ऐसे में गांव के बच्चों की शिक्षा दूसरे विद्यालयों में कराने के लिए अभिभावकों को मजबूर होना पड़ा। डेढ़ साल से विद्यालय में ताला लटक रहा है। बुधवार को गांव के लोग इससे आक्रोशित हुए तो विद्यालय पहुंचे और प्रधान के साथ प्रदर्शन करते हुए विद्यालय खुलवाने की मांग की। विकास क्षेत्र रामपुर संग्रामगढ़ का एक गांव है कौड़ियाडीह। यहां मौजूद पूर्व माध्यमिक विद्यालय में डेढ़ साल पहले शिक्षक नागेंद्र बहादुर सिंह प्रधानाध्यापक थे। उनके रिटायर होने के बाद विभाग विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती करना भूल गया। इसके चलते गांव के बच्चों ने प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद दूसरे विद्यालयों की राह पकड़ ली। यही नहीं विभाग अब तक इस विद्यालय में किसी शिक्षक की तैनाती नहीं कर सका है। इससे गांव के बच्चों को अभी भी दूसरे विद्यालय में जाने को मजबूर हैं। बुधवार को ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों की लागत से बने विद्यालय में सिर्फ शिक्षकों की तैनाती न होने से बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इस दौरान बद्री पटेल, मंगरे, शितलू, त्रिभुवन, सुरेश आदि लोग मौजूद रहे।