लीलापुर के इटौरी में स्कूल मैजिक खड्ड में गिरने के बाद जुटी भीड़। संवाद
इटौरी गांव के पास बृहस्पतिवार की सुबह स्टेयरिंग फेल होने की वजह से बच्चों को स्कूल ले जा रही मैजिक खड्डे में जा घुसी। हादसे में मैजिक चालक समेत सात बच्चे बाल-बाल बचे। बच्चों को सकुशल देखकर हादसे की सूचना से परेशान अभिभावकों ने राहत की सांस ली। अभिभावकों के साथ मौके पर पहुंचे स्कूल संचालक ने बच्चों को दूसरे वाहन से स्कूल भेजा।
क्षेत्र के कई गांवों से सात बच्चों को लेकर स्कूली मैजिक चालक सूरज वर्मा लालगंज के सलेम भदारी स्थित मार्डन काॅन्वेंट स्कूल जा रहा था। इटौरी के समीप नहर की पटरी पर अचानक मैजिक की स्टेयरिंग फेल हो गई। इससे पहले चालक कुछ समझ पाता मैजिक खड्डे में जा घुसी। गनीमत रही कि मैजिक सवार रुचि वर्मा(7), हंसराज(12), राज वर्मा(9), कुलदीप वर्मा(7), सुधीर वर्मा(6), काजल प्रजापति(12)और कोमल प्रजापति(9) बाल-बाल बच गए। चालक भी सुरक्षित रहा, सो उसने राहगीरों की मदद सेे मैजिक से छात्रों को सकुशल बाहर निकाला।
छात्रों से भरे स्कूली वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी पर स्कूल पहुंची तो अफरातफरी मच गई। घबराए अभिभावक भी थोड़ी ही देर में स्कूल पहुंच गए। स्कूल प्रबंधक बच्चों के परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। बच्चों को सुरक्षित देख अभिभावकों ने राहत की सांस लेते हुए उन्हें गले लगा लिया। प्रबंधक इमरान खान ने दूसरे वाहन से छात्रों को स्कूल भेजा। फिर खड्डे में गिरी मैजिक को बाहर निकलवा कर मरम्मत के लिए भेजा गया। इलाकाई पुलिस ने इस तरह की जानकारी से इन्कार किया है। प्रबंधक ने बताया कि स्टेयरिंग फेल होने से हादसा हुआ। सभी बच्चे सकुशल हैं।
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इनसेट
रफ्तार कम होने से टल गया बड़ा हादसा
सगरा सुंदरपुर। इटौरी में हुए हादसे ने तीन दिन पहले लक्ष्मणपुर में हुए स्कूली वाहन से हुए दर्दनाक हादसे की याद ताजा कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कूली मैजिक की स्टेयरिंग फेल हुई तो उस समय वाहन की रफ्तार बहुत कम थी। रफ्तार अधिक होती तो खड्डे में घुसने के बाद मैजिक पलटती तो बड़ी अनहोनी हो जाती। लोगों ने बताया कि चालक नियंत्रित रफ्तार से वाहन न चला होता तो छात्रों की जान पर संकट खड़ा हो सकता था। बता दें कि सोमवार को लक्ष्मणपुर में स्कूली मैजिक को लोडर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में एक छात्रा मानसी की मौत हो गई थी। मैजिक चालक और स्कूल जा रहे तेरह बच्चे घायल हुए थे।