मां बेल्हा देवी घाट सई नदी में दो युवक पानी में डूबते हुए बचाओ-बचाओ की आवाज लगाते हुए लोगों से मदद मांगने लगे। उनकी मदद के लिए तीन नौकाओं से एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई। टीम के सदस्यों ने नदी में छलांग लगाकर युवकों को अपनी पकड़ में लेकर नदी से बाहर निकाला और उन्हें अपने कंधे पर लादकर रेस्क्यू टीम के पास ले गए। युवक की मदद मिलने के बाद जुटी भीड़ ने एनडीआरएफ की टीम का तालियों से स्वागत किया।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और 11वीं बटालियन वाराणसी एनडीआरएफ ने टेबल टॉप एक्सरसाइज और मॉकड्रिल मां बेल्हा देवी घाट पर किया। अग्निशमन के कर्मचारियों ने एलपीजी सिलिंडर में लगी आग को डेमो के माध्यम से बुझाकर दिखाया।
कोल्डड्रिंक की बोतल, नारियल, ट्यूप, जैकेट आदि के माध्यम से बाढ़ से बचाव के लिए डेमो करके दिखाया गया। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बाढ़ से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होने का आह्वान किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एडीएम त्रिभुवन विश्वकर्मा, डिप्टी कमांडेट वाराणसी राम भवन सिंह यादव, जिला कमांडेंट होमगार्ड डॉ. धीरेंद्र पांडेय, उपजिलाधिकारी तनवीर अहमद, एनडीआरएफ निरीक्षक इंद्रदेव कुमार, तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजू, कुलश्रेष्ठ तिवारी, अनुपम शेखर तिवारी, मास्टर ट्रेनर महेश मिश्रा, अतुल सिंह, सोनिया गुप्ता, विंध्याचल सिंह मौजूद रहे।
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एनसीसी कैडेट्स ने भी आग बुझाने का किया अभ्यास
मां बेल्हा देवी धाम पर एनसीसी कैडेट्स ने भी आग लगने के बाद गीले चादर, गीले जूट के बोरे, फायर अग्निशमन यंत्र का प्रयोग कर आग बुझाने का अभ्यास किया। कुछ कैडेट्स ने आपदा से बचाव के हुनर का प्रदर्शन किया।