एडीजी प्रेमप्रकाश ने बताया कि सराफा मार्केट में डकैती की योजना बदमाशों ने प्रयागराज में तैयार की थी। गिरफ्तार अभियुक्त फरमान ने बताया कि एक सोनार ने लूट करने के लिए हमारे साथी रुस्तम से कहा था। सुरेश सोनी की दुकान भी दिखाई थी।
डकैती के लिए कई दिनों तक श्याम बिहारी गली की साथियों के साथ रेकी की गई थी। डकैती की योजना बनाने के लिए खान चौराहा महेवा में शुभम जायसवाल के किराए के मकान पर रुस्तम, शुभम, पुनीत सोनी, नसीम एकत्र हुए थे।
सभी ने मिलकर डकैती की योजना बनाई और रात में ही जेठवारा के गोकुला आकर रुक गए थे। शुभम जायसवाल अपने साथी के साथ गली में ही रुक गया और आने-जाने वालों पर निगाह रखने लगा। दो अन्य साथी दूसरी गली की तरफ मौजूद थे।
रुस्तम व उसका एक साथी सुरेश की दुकान में घुसे। रुस्तम दुकान के गेट पर खड़े होकर आने-जाने वाले लोगों पर निगाह रख रहा था। घटना को अंजाम देने के बाद सभी रामलीला मैदान में इकट्ठा हुए।
कार से कांधरपुर पहुंचे थे बदमाश, बदलते रहे वाहन
श्याम बिहारी गली सराफ मार्केट में डकैती डालने वाले बदमाश अलग-अलग दिशा में भागे। घटना को अंजाम देने के बाद चार बदमाश एक बाइक से ही भागे थे।
एडीजी ने बताया कि फरमान, शुभम व रुस्तम और एक बदमाश लूट का माल लेकर लच्छीपुर पहुंचे। जहां एक साथी के कमरे पर सभी रुक गए। कुछ देर बाद उनका एक साथी कार लेकर आ गया। बाद में सभी कांधरपुर पहुंचे और वहां मौजूद अन्य साथियों के बीच लूट के आभूषण का बंटवारा हुआ।
दो तरीके से बांटे गए लूटे गए आभूषण
सराफ सुरेश सोनी की दुकान से लूटे गए आभूषण डकैतों ने दो तरीके से बांटे। मुख्य भूमिका निभाने वाले फरमान, रुस्तम, शुभम व इनके एक अन्य साथी को अधिक जेवरात मिले। अन्य को उनकी भूमिका के हिसाब से जेवरात दिए गए।
इसके बाद दूसरे वाहन से रुस्तम व फरमान प्रयागराज पहुंचे। जहां उन्होंने अपने साथी फहीम उर्फ मोनू व और यूसुफ का जेवरात छिपाने में सहयोग लिया। इसके बदले उन्हें भी लूटे गए जेवरात का कुछ हिस्सा दिया गया। चूंकि घटना काफी चर्चित हो गई थी। इसलिए जेवरात लूट कराने वाले सोनार को ही बेचने का फैसला लिया गया। उसे जेवरात बेचने के लिए वे लोग मंगलवार की रात प्रतापगढ़ आए थे। सभी को रुपये की सख्त जरूरत थी।
रुस्तम व शेबू ही पहचानते हैं घटना की साजिश रचने वाले सराफ को
श्यामबिहारी गली सराफा मार्केट में डकैती की घटना को अंजाम देने की साजिश रचने वाले सराफ को नैनी जेल में निरुद्घ रुस्तम और कंधई का फरार बदमाश शेबू ही पहचानता है। हालांकि बदमाशों से पूछताछ के बाद सराफ को हुलिए के आधार पर पहचानने का प्रयास किया जा रहा है। शेबू के मिलने या फिर रुस्तम को न्यायालय से रिमांड पर लेने के बाद वह गिरफ्त में आ जाएगा। मानधाता के फरार बदमाश सलमान के ट्रक में भी बदमाशों ने दो रातें गुजारी थीं। घटना में शामिल अधिकांश बदमाश प्रयागराज में पढ़ाई के नाम पर रहते थे, मगर अय्याशी के लिए लूट, छिनैती की घटनाओं को अंजाम देते थे।
नसीम ने उपलब्ध कराया था असलहा
जेठवारा के प्यारे का पुरवा सरायलोहंग राय निवासी नसीम पुत्र जफरुल ने डकैती डालने वाले बदमाशों को असलहा उपलब्ध कराया था। बदमाशों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। नसीम के ऊपर गैंगस्टर समेत छह मुकदमे दर्ज हैं। पुनीत के ऊपर चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरमान के खिलाफ एक आपराधिक केस दर्ज है।
व्यापारियों को बुलाकर किया खुलासा
पुलिस लाइन के सई कांपलेक्स में पहली बार प्रोजेक्टर के माध्यम से बदमाशों के जूते, जैकेट समेत हुलिया व्यापारियों को दिखाकर पहचान कराई गई। व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी, उमा प्रकाश अग्रहरि, रोशनलाल ऊमरवैश्य, आंनद सोनी, संजय सोनी, रामशंकर जायसवाल और पीड़ित सुरेश सोनी ने भी बरामद आभूषण की पहचान करने के साथ ही बदमाशों के पहनावे की शिनाख्त की। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।
नगर कोतवाली के श्याम विहारी गली डकैती में शामिल क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार बदमाश।- फोटो : PRATAPGARH