सुप्रीमकोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों का प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। कचहरी में प्रदर्शन के दौरान सीएम के खिलाफ नारेबाजी करते समय पांच शिक्षामित्र बेहोश हो गईं। इससे हड़कंप मच गया। साथियों ने आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद देर शाम शिक्षामित्रों को घर भेज दिया गया। इसके पूर्व शिक्षामित्रों ने चौराहों पर भीख मांगी। शिक्षामित्रों ने चेताया है कि सहायक अध्यापक पद से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
मंगलवार को कचहरी में आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले होने वाले धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रीना सिंह ने बताया कि अपर सचिव बेसिक और शिक्षामित्रों के प्रांतीय अध्यक्ष के बीच हुई वार्ता विफल हो गई है। अपर सचिव ने शिक्षामित्रों को सिर्फ दस हजार रुपये मानदेय से अधिक कुछ भी देने को तैयार नहीं है, जो हम लोगों को कदापि स्वीकार नहीं है। यह सुनकर शिक्षामित्र मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस बीच नारेबाजी कर रहीं मंगरौरा के प्राइमरी स्कूल मिश्रपुर में तैनात मीना मिश्रा, सदर के प्राइमरी स्कूल सकरौली में तैनात इंदू सरोज, सांगीपुर के अमावां में तैनात गायत्री सिंह, मानधाता के प्राइमरी स्कूल खुर्दहा के शिव देवी, बेलखरनाथधाम के प्राइमरी स्कूल रतनमई के शकुंतला देवी की हालत बिगड़ने पर आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंबुलेंस आने में देरी होने पर निजी वाहन से बेहोश शिक्षामित्रों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि इलाज के बाद देर शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस घटनाक्रम के पूर्व शिक्षामित्रों ने अंबेडकर चौराहा, ट्रेजरी चौराहा और पुलिस लाइन चौराहे पर दुकानदारों, राहगीरों से भीख मांगी। शिक्षामित्रों ने भीख मांगने के पीछे पीएम और सीएम को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री को संबोधित डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर रामकृष्ण विश्वकर्मा, पंकज सिंह, मो. तौफीक, देवेंद्र कुमार, राजकुमार शुक्ल, आशा पांडेय, राम सिंह, विवेक सिंह, रमाकांत राजेंद्र कुमार, शिखा सिंह, गीता देवी, कंचन देवी, बीना सिंह, जगतपाल यादव आदि मौजूद रहे।