कारगिल विजय दिवस पर शहीद लांस नायक विजय शुक्ला को लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया।
रविवार को आईटीआई परिसर में बने शहीद स्मारक पर पहुुंचकर लोगों ने भारत माता की जय, अमर शहीद लांस नायक अमर रहे जैसे नारों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के महामंत्री जयप्रकाश मिश्र ने कहा कि सैनिकों की वीरता से ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। सेना के जवान अपनी जान की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा करते हैं। 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तानियों को धूल चटाने वाले लांस नायक विजय शुक्ला को नमन किया।
समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि विजय शुक्ला आज हमारे बीच नहीं हैं, मगर भारत के इतिहास में अमर हैं। सदर विधायक राजकुमार पाल ने स्मारक स्थल पर विजय शुक्ला की प्रतिमा लगवाने को कहा है। इस मौके पर विवेक त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला, रामेंद्र कुमार पांडेय, इंद्र देव मिश्र, विनय सिंह ,राघवेंद्र प्रताप सिंह, अनिल विद्यार्थी, अंजनी सिंह ,मनीष सिंह, प्रीतम शुक्ल, अच्युतानंद पांडेय प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इधर, युवा क्रांति के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश मिश्र की अगुवाई में शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सीमा की रखवाली करने वाले वीर सपूतों को सदा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। इस मौके पर सुशील शुक्ल, विकास यादव, गौरव सिंह, रामजी यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इधर, जन सामर्थ्य सेवा संस्थान के बैनर तले मानव तन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को नमन किया गया। इस मौके पर श्रद्धा सिंह, आकाश सिंह, अजय मिश्र, धीरज यादव, मो. शमीम आदि मौजूद रहे।
गर्व के साथ मनाया कारगिल विजय दिवस
कारगिल विजय के 21 वर्ष पूर्ण होने पर जांबाज हिंदुस्तानी सेवा समिति ने मल्हूपुर स्थित उन्मत्त सेवा संस्थान पर कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया। अध्यक्ष आलोक आजाद ने कहा की संपूर्ण विश्व में भारतीय सेना का साहस एवं पराक्रम अद्वितीय है। 1999 में धोखे से हमारे देश की सरजमी पर घुसकर कब्जा करने का जो नापाक सपना उसने देखा, उसको हमारे जांबाज भारतीय सैनिकों के पराक्रम ने नेस्तनाबूत कर दिया। इस मौके मल्हूपुर प्रधान अनुराग मिश्रा, विनोद मिश्र, सुरेंद्र सिंह रामचंद्र धीरेंद्र प्रताप ,गौतम हिंदू ,ऋषभ मिश्रा, दशरथ, सुरेंद्र, जितेंद्र , आदर्श मिश्र, विनय साहू आदि उपस्थित रहे ।
कारगिल विजय दिवस पर आईटीआई स्थित शहीद विजय शुक्ला के शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि ?- फोटो : PRATAPGARH