मां बेल्हा देवी निकट सई नदी का अस्तित्व खतरे में है। भूमाफिया ने नदी के तट का हिस्सा भी बेच दिया है। जिस पर दिन-प्रतिदिन अवैध निर्माण होता जा रहा है। अगर अफसरों ने इसी प्रकार चुप्पी साधे रखी तो आने वाले दिनों में नदी पर अवैध कब्जेदार हावी हो जाएंगे। तालाब, चकमार्ग और ग्रामसमाज की जमीन पर अवैध कब्जा पर अधिकारियों की नजर है, मगर शहर के मां बेल्हा देवी धाम से गुजरने वाली सई नदी के अस्तित्व को कोई देखने वाला नहीं है। नदी के उफान से घर डूब जाए, यह मंजूर है, मगर अवैध कब्जा से छोड़ने को तैयार नहीं हैं। बेल्हा देवी मंदिर के ठीक पूरब ओर सई नदी के तट पर अवैध कब्जेदार हावी हैं।
नदी में आने वाली बाढ़ से भी लोग भयभीत नहीं हो रहे हैं। वर्ष 2014 में हुई जोरदार बरसात से सई नदी तट पर स्थित आवासों में पानी घुस गया। महीनों पर पानी घरों में जमा रहा, लोग घर छोड़कर फरार रहे। इसके बाद भी नदी के तट पर अवैध कब्जेदारों को नहीं रोका जा रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता भी इन अवैध कब्जेदारों की ओर नहीं देखते हैं। जबकि सामान्य व्यक्ति के नींव खोदते ही पहुंचकर नक्शा पास कराने के लिए मजबूर कर देते हैं। अवर अभियंता जयनाथ सिंह ने स्वीकार किया कि सई नदी के तट पर अवैध कब्जा हो रहा है, एसडीएम सदर से बातकर जल्द ही रोक लगाने की पहल की जाएगी।