जब तक ये धरती जहान रहे.. सांई बाबा तेरा नाम रहे, सांईनाथ तेरे हजारोें नाम, जपते ही बन जाते है सारे बिगड़े काम...जैसे भक्तिमय गीतों के बीच गुरुवार को श्री सांई नारायण संस्थान द्वारा तीन दिवसीय सांई महोत्सव का आगाज हो गया। पहले दिन भव्य सांई पालकी और शोभायात्रा निकाली गई। रिमझिम बरसात के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शोभायात्रा में भक्तिभावना से लवरेज दिखी। गाजे-बाजे, घोडे़, हाथी, रथ, बग्घी से सजी पालकी के दर्शन को शहर के लोग उमड़े रहे। शहर में जगह-जगह भ्रमण कर शोभायात्रा ने सांईबाबा का संदेश दिया।
बलीपुर स्थित सांईनाथ मंदिर में तीन दिवसीय सांई महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को दोपहर से ही सांई पालकी शोभायात्रा को लेकर भीड़ जुटने लगी। अध्यक्ष शैलेंद्रनाथ मिश्र व स्वागताध्यक्ष समाजसेवी रोशनलाल के दिशा निर्देशन में पालकी को भव्य रूप से भक्तगण सजाने में जुटे रहे। अपराह्न तीन बजे के बाद मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। श्री सांई नारायण संस्थान के पदाधिकारियों ने शोभायात्रा को कतारबद्ध किया। वैदिक मंत्रों के बीच संरक्षक शांती मिश्रा के पालकी पूजन-अर्चन के बाद शोभायात्रा शुरू हुई। शहर के ट्रेजरी चौराहा, अंबेडकर चौराहा, होकर कचेहरी रोड, श्रीराम चौराहा से चौक, बाबागंज होेते हुए शोभायात्रा बलीपुर पहुंची। अध्यक्ष शैलेंद्रनाथ मिश्र कहा कि सांई माहेत्सव सद्गुरु के प्रति अपने भाव समर्पित करने व समाज को एकता का पैगाम देने का उत्सव है। इससे समाज को सही दिशा मिलती है। इस अवसर पर विनोद सिंह, संतोष त्रिपाठी, समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य, राकेश साधवानी, शैलेंद्र पांडेय, विजय शुक्ला, निर्मल पांडेय, सत्येंद्रनाथ, शिवेंद्रनाथ, गौरव माखीजा, हरि खंडेलवाल, श्रीकिशोर अग्रवाल, संतोष नारायण मिश्र, बब्लू श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
गुरु पूर्णिमा पूजन आज
बलीपुर सांई मंदिर में सांई महोत्सव के दूसरे दिन 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन व आरती का कार्यक्रम होगा। यह जानकारी अध्यक्ष शैलेंद्रनाथ मिश्र ने दी।