कश्मीर के गुरेज सेक्टर में शहीद हुए विजय शुक्ला का पार्थिव शरीर नौवें दिन पैतृक घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सबसे पहले सेना ने शहीद को शस्त्र की सलामी दी। इसके बाद बड़े भाई ने चिता को मुखाग्नि दी। इसे दौरान श्रद्घांजलि देने के लिए पांडेय तारा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। अफसरों संग नेताओं ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
बता दें कि फतनपुर थाना क्षेत्र के पांडेयतारा निवासी सैनिक विजय शुक्ला कश्मीर के गुरेज सेक्टर में 25 जनवरी को साथियों को बचाने के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर शहीद हो गए थे। बुधवार को बाबतपुर हवाईअड्डे पर हेलीकाप्टर से शहीद का पार्थिव शरीर उतारने के बाद सड़क मार्ग से सेना के जवान एंबुलेंस से लेकर प्रतापगढ़ पहुंचे। रात होने के कारण पार्थिव शरीर को अस्पताल की मर्चरी में रखा गया। गुरुवार की सुबह 7.45 मिनट पर इलाहाबाद से 111 इन्फैट्री कुमायूं रेजीमेंट के मेजर केएस मनोला, मेजर रणजीत सिंह और सुबेदार प्रदीप सिंह पार्थिव शरीर के साथ कश्मीर से आए नायक एसके मिश्रा, सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल अशोक सिंह पैतृक घर के लिए निकले। नौंवे दिन शहीद का पाथव शरीर पांडेय तारा पहुंचा तो कोहराम मच गया। शहीद की एक झलक पाने को लोग टूट पड़े। आसपास के गांवों से भी हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। एंबुलेंस से शहीद का शव उतारने के बाद सैनिकों ने उसे सुरक्षा के घेरे में ले लिया।
इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों के दर्शन के लिए रखा गया। इस बीच वहां पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, एसपी रोहन पी कनय समेत नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। अश्कों के बीच शहीद के शव को अंतिम संस्कार के लिए शहीद स्मारक ले जाया गया। जहां सैनिकों ने मातमी धुनों के बीच शहीद को शस्त्रों की सलामी दी। इसके बाद बड़े भाई सुदर्शन शुक्ला ने चिता को मुखाग्रि दी। चिता में आग लगते ही लोगों के आंखों से आंसू बहने लगा। देर शाम तक लोगों को पांडेयतारा गांव में जमघट लगा रहा। अधिकारियों ने परिजनों को हर मदद का भरोसा दिलाया।