पहाड़ों पर पड़ने वाली बर्फ का कहर जारी है। सोमवार को पछुवा हवाओं के तेज होने से गलन भरी ठंड का दौर तेज हो गया है। शुक्रवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर में मंद-मंद चलने वाली पछुवा हवाएं शाम होते ही लोगों को घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया।
शिमला और जम्मू कश्मीर में हो रही बर्फबारी का असर बेल्हा में भी देखने को मिल रहा है। सुबह-शाम पड़ने वाली का कहर बनकर टूट रही है। इतना जरूर है कि कोहरा नहीं पडने और दिन में धूप निकलने से लोगों को काफी राहत मिल रही है। शहर के लोग सुबह धूप निकलते ही छत पर आ जाते हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में लोग दिन भर गुनगुनी धूप का आनंद लेते रहते हैं। शाम को सूर्य अस्त होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। सोमवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है।
गुरुवार को न्यूनतम तापमान 4.2 और अधिकतम 23.4 पर था, जो सोमवार को लुढ़ककर न्यूनतम तापमान 3.8 और अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को शाम होते ही कड़ाके की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़ों में लिपटने को मजबूर कर दिया। मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी होने से मैदानी क्षेत्रों में ठंड कहर बरपा रही है।