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हादसे में मासूम की मौत, जमकर बवाल, पथराव

Fri, 25 Mar 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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रानीगंज इलाके के अतरी गांव में शुक्रवार देर शाम सड़क पार कर रहे बालक को तेज रफ्तार बोलेरो ने कुचल दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बवाल कर दिया। शव लेने के लिए पहुंची पुलिस पर पथराव करने के साथ ही तोड़फोड़ की गई। पथराव में दो दरोगा और तीन सिपाही जख्मी हो गए। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए रानीगंज थाने की पुलिस को पीछे हटना पड़ा। भारी बवाल की आशंका को देखते हुए सीओ रानीगंज, एसडीएम के साथ कई थानों की फोर्स पहुंच गई। डीएम-एसपी भी पहुंचे। अफसरों के काफी समझाने के बाद रात दस बजे लोग शांत हुए। तब जाकर पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
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रानीगंज थाना क्षेत्र का अतरी गांव निवासी प्रेमचंद्र मजदूरी करता है। उसका मकान सड़क के किनारे है। शुक्रवार की शाम उसके दो बेटों में बड़ा सोनू (5) घर के पास ही दौड़ते हुए सड़क पार कर रहा था। तभी गांव में लोगों से होली मिलने गए लोगों की बोलेरो आ गई। रफ्तार तेज होेने और बालक के अचानक सामने आ जाने से चालक गाड़ी नियंत्रित नहीं कर सका। बोलेरो ने बालक को टक्कर मारते हुए कुचल दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक बोलेरो छोड़कर फरार हो गया। खबर मिलने पर सोनू के परिजन भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंच गए। बड़ी संख्या में गांव के लोग भी जुट गए। गुस्साए लोग बोलेरो को फूंकने की तैयारी कर रहे थे। इस बीच वहां पहुंची रानीगंज पुलिस ने बोलेरो को थाने भेजवा दिया। इस बीच किसी ने ग्रामीणों सूचना दे दी कि पुलिस ने बोलेरो को छोड़ दिया है।

इससे गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की गई। ईंट-पत्थर लगने से रानीगंज थाने में तैनात सिपाही बलबीर सिंह, मुन्ना राम, छैलबिहारी व दरोगा अयोध्या प्रसाद और प्रमोद पांडेय जख्मी हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। उनका गुस्सा देखकर पुलिसकर्मी पीछे हट गए। बवाल की खबर लगते ही सीओ रानीगंज डीएल सुधीर, एसडीएम बृजेंद्र द्विवेदी के साथ ही फतनपुर, मानधाता समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। अफसरों के तमाम प्रयास के बाद भी ग्रामीण मानने के लिए तैयार नहीं थे। वे बालक को कुचलने वाली बोलेरो को मौके पर लाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि उसी गाड़ी से बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। रात दस बजे जिलाधिकारी और एसपी भी गांव पहुंचे। उनके काफी समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। तब जाकर पुलिस शव को कब्जे में ले सकी।
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