जिले में रविवार को भारी अव्यवस्था के बीच पंचायत चुनाव की मतगणना प्रारंभ हुई। जिसके कारण देर रात तक अधिकांश प्रधान, बीडीसी सदस्य के नतीजे नहीं आ सके थे। जिला पंचायत सदस्य पद की मतगणना पूरी नहीं हो सकी थी। कई मतगणना केंद्रों पर करीब दो घंटे विलंब से मतों की गिनती प्रारंभ हुई। मतगणना परिसर के बाहर जमा भीड़ को पुलिस लगातार दौड़ाती रही। कई जगह पुलिस से लोगों की तीखी झड़प भी हुई। देर शाम तक ग्राम प्रधान के 1193 पदों के सापेक्ष केवल 128, बीडीसी सदस्य के 1434 केे सापेक्ष 56 और ग्राम पंचायत सदस्य के 82 परिणाम ही घोषित हो सके थे।
जिले के 17 ब्लाकों के मतगणना केंद्रों पर रविवार की सुबह जोनल मजिस्ट्रेट व आरओ की देखरेख में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के मतों की गणना प्रारंभ हुई। मंगरौरा, रामपुर संग्रामगढ़, बाबागंज, सदर, मानधाता, कुंडा मतगणना केंद्रों पर विलंब से मतगणना प्रारंभ हुई। मंगरौरा ब्लाक में प्रत्याशियों के शोरशराबे पर सुबह नौ बजे मतगणना प्रारंभ हो सकी। सांगीपुर व सदर मतगणना केंद्र के बाहर खड़े समर्थकों को पुलिस ने लाठियां पटककर दूर तक खदेड़ा। लक्ष्मणपुर मतगणना केंद्र पर ढाई घंटे बाद मतों की गिनती शुरू हो सकी।
पहले चरण के गांवों की काउंटिंग करने में मतगणना कर्मचारियों को काफी समय लगा। इसे लेकर प्रत्याशी व उनके अभिकर्ताओं से नोकझोंक होती रही। पहले राउंड में ही तीन बज गए। जिसके चलते दूसरे राउंड वाले प्रत्याशी व अभिकर्ता परिसर के बाहर डटे रहे। पुलिस सभी को बार-बार भगाती रही। जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर लगातार मतगणना केंद्रों का जायजा लेते रहे। आरओ समेत जोनल मजिस्ट्रेट को पारदर्शी तरीके से मतगणना कराने के लिए निर्देश देते रहे। सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों को बेवजह प्रत्याशियों व एजेंटों को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश न करने का आदेश दिया। जीतने वाले प्रत्याशियों को समर्थक खुशी में उन्हें फूल-मालाओं से लाद दे रहे थे।
तीन वोट से जीत हासिल कर प्रधान बनीं शीला मिश्रा
प्रतापगढ़। सदर विकासखंड की नौबस्ता ग्राम पंचायत की मतगणना के दौरान कर्मचारियों के सामने मुश्किल आ खड़ी हुई। दो चक्रों में होने वाली मतगणना के बाद शीला मिश्रा तीन मतों से प्रधान निर्वाचित हुईं। इसके विरोध में दूसरे प्रत्याशी पुनर्मतगणना के लिए एआरओ पर दबाव बनाने लगे। हंगामे की खबर पर आरओ व एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने अवैध मतों को फिर से चेक किया। इसके बाद शीला मिश्रा को तीन मतों से विजयी घोषित कर दिया।