तमाम दिग्गजों पर थी। रविवार को प्रत्याशियों की किस्मत के साथ ही दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी ईवीएम मशीन में कैद हो गई। अब 23 मई को यह पता चलेगा कि किन नेताओं का प्रतापगढ़ के मतदाताओं पर जादू चला है। नतीजे दिग्गजों की सियासत का भविष्य भी तय करेंगे।
भाजपा के लिए लोकसभा चुनाव कई मायने में अहम है। पार्टी ने यहां से सदर के वर्तमान विधायक संगमलाल गुप्ता पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है। वहीं कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह और राज्य मंत्री महेंद्र सिंह का यह गृह जनपद भी है। संगमलाल गुप्ता के समर्थन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री के साथ ही गृहमंत्री भी जनसभा करने के लिए प्रतापगढ़ आए थे।
भोजपुरी फिल्मों के स्टार मान जाने वाले पवन सिंह ने भी रोड शो करके संगमलाल गुप्ता के लिए समर्थन मांगा था। इतना ही नहीं प्रतापगढ़ संसदीय सीट के तहत आने वाली पांच विधानसभाओं में से चार में भाजपा और अपना दल एस के विधायक हैं। सपा-बसपा गठबंधन ने अशोक त्रिपाठी पर दांव लगाया है। अशोक त्रिपाठी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रतापगढ़ आ चुके हैं।
मायावती ने शहर से सटे छीटपुर में जहां जनसभा को संबोधित करके अशोक के लिए समर्थन मांगा था, वहीं अखिलेश यादव ने कुंडा में जनसभा को संबोधित करके अशोक त्रिपाठी के साथ ही कौशांबी के प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगा था। कांग्रेस ने प्रतापगढ़ की पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना पर भरोसा जताया है।
राजकुमारी रत्ना के प्रचार-प्रसार के लिए पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाल कुमार पटेल आए थे। वहीं गृह जनपद होने के कारण पूर्व सांसद व कांग्रेस के स्टार प्रचारक प्रमोद तिवारी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी शहर में सभा कर माहौल बनाया था।
पहली बार नई पार्टी जनसत्ता दल का गठन कर मैदान में उतरे कुंडा के निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया ने प्रतापगढ़ से पूर्व सांसद अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी पर भरोसा जताया है। राजाभैया ने उनकी जीत के लिए पूरा दमखम लगा दिया था। जनसभाओं के साथ उन्होंने रोड शो भी किया। रविवार को मतदान खत्म होने के बाद अब सभी प्रत्याशियों के साथ सियासी दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी ईवीएम में कैद हो गई है।