उच्च न्यायालय में अवमानना के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ आईटीआई के सामने स्थित पहलवान वीर बाबा के चबूतरे को जेसीबी लगाकर तोड़वा दिया। इस दौरान अफसरों की पब्लिक से नोकझोंक भी हुई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कटरा रोड पर आवागमन बंद करा दिया था। विरोध करने वालों को एसडीएम सदर ने समझाकर शांत कराया।
नगर कोतवाली के शिवजीपुरम निवासी रामदेव यादव की आईटीआई के सामने मकान व जमीन है। उसने उच्च न्यायालय में कई साल पहले एक रिट दाखिल की थी। जिसमे कहा था कि उसके मकान व जमीन के सामने लोनिवि की सड़क है। लोनिवि की जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे उसका व परिवार के लोगों के निकलने का रास्ता अवरुद्ध हो रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया था लेकिन जब भी अतिक्रमण हटाने के लिए लोग पहुंचते। वहां भारी संख्या में इलाके के लोग पहुंच जाते और विरोध करने लगते। वहां पीपल के पेड़ से लगकर पहलवान वीर बाबा का चबूतरा बनाया गया था। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन अपना पैर वापस खींच लेता। इसके चलते रामदेव ने न्यायालय को अवगत कराया कि कोर्ट के आदेश का पालन प्रशासन नहीं कर रहा है। शनिवार को एसडीएम सदर पंकज वर्मा, तहसीलदार सदर और नगर कोतवाल, अंतू एसओ भारी पुलिस बल के साथ कटरा रोड स्थित आईटीआई के पास पहुंचे। इस बात की भनक लगते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए। पहलवान वीर बाबा के चबूतरे को गिराने के लिए पहुंचे दस्ते से लोगों की अफसरों से नोकझोंक हुई। एसडीएम ने मौके पर पहुंचे जूबाए के महामंत्री जेपी मिश्र, कांग्रेसी नेता नीरज तिवारी, परशुराम सेना के अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला को कोर्ट का आदेश बताकर शांत कराया। इसके बाद जेसीबी से चबूतरा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान रास्ते को बंद करा दिया गया था। पुलिस दुपहिया और चार पहिया वाहनों को सड़क के दूसरे रास्ते से भेजती रही।