काफी दिनों की खामोशी के बाद पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव ने लापरवाही बरतने के आरोप में एसओ रानीगंज बालकृष्ण शुक्ला को निलंबित कर दिया। आसपुर देवसरा एसओ संतोष दुबे की थानेदारी छीनते हुए अपना पेशकार बनाया है।
पुलिस अधीक्षक का रात ग्यारह बजे मैसेज पास हुआ तो दो थानेदारों की कुर्सी हिल गई। अनुसूचित जाति के एक मामले में एसपी ने रानीगंज एसओ को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के लिए कहा था। चर्चा है कि एसपी के आदेश के बाद भी एसओ ने उक्त मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अपराध समीक्षा बैठक में ही एसपी ने रानीगंज एसओ की जांच का आदेश दे दिया था। मगर लापरवाही की उन्होंने अनदेखी नहीं कि बल्कि उनको सस्पेंड कर दिया। रामगंज सर्राफ लूटकांड के लुटेरों को गिरफ्तार करने में नाकाम एसओ आसपुर देवसरा की थानेदारी छीनते हुए पेशकार बना दिया। पेशकार रहे मनोज राय को पीआरओ बनाया गया है।
पीआरओ अमित पांडेय को हथिगवां थानाध्यक्ष, हथिगवां एसओ ज्ञानेंद्र सिंह को नवाबगंज एसओ, नवाबगंज एसओ राजकिशोर को कोहंडौर एसओ, कोहंडौर एसओ पीएन आजाद को क्राइम ब्रांच विवेचना सेल, शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी प्रमेंद्र सिंह को एसओ आसपुर देवसरा और चौकी प्रभारी डेरवा संजय शर्मा को रानीगंज एसओ बनाया है।
पुलिस अधीक्षक बलिकरन सिंह यादव ने तेज तर्रार चौकी प्रभारियों को थानेदार बनाया है। अमर उजाला ने पहले मानधाता थाने की कुर्सी खाली होने की खबर प्रकाशित की तो एसपी ने जेठवारा थाना क्षेत्र के कटरागुलाब सिंह चौकी प्रभारी विजय प्रताप सिंह को मानधाता थाने की कमान सौंप दी थी। इस बार के फेरबदल में भी जेठवारा थाने को ही अधिक महत्व दिया गया है। उन्होंने डेरवा चौकी प्रभारी संजय शर्मा को रानीगंज जैसे थाने की कमान दी है। यह थाना हमेशा सुर्खियों में बना रहता है।